बच्चों की स्कूल फीस को लेकर अभिभावकों के लिए बड़ी राहतभरी खबर, जारी हुए ये आदेश

आगरा. कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन में नौकरी छूटने और काम धंधा चौपट होने की वजह से स्कूल फीस नहीं भर पा रहे अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। अब स्कूल फीस के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं डाल सकेंगे। जिलाधिकारी ने स्कूल फीस जमा नहीं कर पाने में असमर्थ अभिभावकों को दो माह की मोहलत दे दी है। अब स्कूल संचालक अभिभावकों के प्रार्थनापत्रों पर सहानुभूति से विचार करेंगे और अभिभावकों से किसी तरह की कोई लेट फीस या ब्याज भी नहीं वसूला जा सकेगा।

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बता दें कि जिलाधिकारी की जनसुनवाई में रोजाना स्कूल फीस माफी से संबंधित करीबन दस मामले सामने आ रहे हैं। इसी को देखते जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बड़ा फैसला लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूल फीस देने में असमर्थ अभिभावकों दो माह की मोहलत दी जाए। हालांकि यह मोहलत केवल उन्हीं को मिलेगी जिनकी आर्थिक स्थिति खराब है। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन की ओर से फीस माफी पर कोई निर्णय नहीं किया गया है। उन्होंने जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को लेकर स्कूल प्रबंधन से सहानुभूति पूर्वक विचार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास जो प्रार्थना पत्र आ रहे हैं। उन्हें फीस जमा करने के लिए दो महीने की मोहलत दी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मार्च में लॉकडाउन लगने के बाद से सभी स्कूल बंद हैं। बच्चों को घर बैठे ऑनलाइन क्लासेज दी जा रही हैं। वहीं, फिलहाल कक्षा एक से आठ तक स्कूल खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं, लॉकडाउन में लोगों के कामधंधे चौपट पड़े हैं। इस वजह से अभिभावकों पर पिछले छह माह की फीस बकाया है।

शिक्षकों को देना होगा वेतन

डीएम ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों का वेतन भी प्रबंधन नहीं रोक सकेगा। ऑनलाइन पढ़ाने के लिए स्कूलों में बुलाए जा रहे शिक्षकों को भुगतान करना पड़ेगा। ये पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है। शिक्षकों का उत्पीड़न हुआ तो शिकायत पर कार्रवाई होगी।

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