कारोबारी की मौत की होगी एसआईटी जांच आईपीएस पर लगा हत्या का आरोप

महोबा. व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के आरोपी पुलिस अधीक्षक लालमणि पाटीदार को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ दर्ज हुए रिश्वतखोरी और जानलेवा हमले के मुकदमों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को सात दिन में रिपोर्ट देनी है। जांच इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या को लेकर होगी। वाराणसी रेंज के आईजी विजय सिंह मीणा एसआईटी के अध्यक्ष होंगे। साथ ही डीआईजी शलभ माथुर और एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी इसके सदस्य होंगे। एसआईटी जांच करके रिपोर्ट देगी कि किन कारणों से इंद्रकांत त्रिपाठी पर जानलेवा हमला हुआ और उनकी मौत हुई।

गौरतलब है कि व्यापारी इंद्रकांत ने जानलेवा हमले से पहले ही वीडियो वायरल कर कहा था कि उनकी जान को खतरा है और अगर उन्हें कुछ होता है तो महोबा के पुलिस अधीक्षक लालमणि पाटीदार ही जिम्मेदार होंगे। उन्हें लगातार मारने की धमकियां मिल रही थीं। व्यापारी की मौत के बाद कारोबारी के निवास क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

302 में तब्दील हुआ मामला

दरअसल, महोबा के एसपी रहे मणिलाल पाटीदार पर आरोप है कि उन्हें जिले के एक कारोबारी से हर महीने पांच लाख की वसूली शुरू की थी। कहा गया कि आईपीएस ने वसूली की पहली किस्त भी ले ली थी। इसकी शिकायत क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने की थी। जिसके बाद आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ 307,120-बी जैसी गम्भीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। वहीं शिकायत के बाद क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने आठ सितंबर को पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। वीडियो में कहा गया था कि अगर उनकी हत्या होती है तो इसके लिए मणिलाल पाटीदार जिम्मेदार होंगे। वीडियो वायरल होने के कुछ ही घण्टों बाद करोबाई को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी थी। उसके बाद से अब तक यानी छह दिन उनका रीजेंसी में उपचार हुआ लेकिन आज उनकी मौत हो गयी। कारोबारी की मौत के बाद मामला 302 में तब्दील हो गया है।

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