National Nutrition Week 2020: कोविड के प्रकोप में पोषण पर बड़ी समस्या, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दें इन बातों पर ध्यान

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एक से सात सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week) मनाया जा रहा है। कोविड-19 के समय में अच्छा आहार लेना एक बड़ी समस्या बनकर गई है। कई लोग भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 में न्यूनतम 69 करोड़ लोग भुखमरी की समस्या से जूझते रहे थे। वहीं कोविड-19 के कारण 2020 में न्यूनतम 13 करोड़ से अधिक अन्य लोग भुखमरी की समस्या का सामना करने पर मजबूर हो सकते हैं। जिससे वर्ष 2030 तक ‘शून्य भुखमरी’ के अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी चुनौती पेश हो सकती है। इस असर को कम करने के लिए वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने 13.8 करोड़ लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बढ़ रही भुखमरी की समस्या

दुनियाभर में कोरोना वायरस के कारण भुखमरी बढ़ रही है। हालांकि, यूपी जैसे बड़े राज्य में कोरोना के कारण भुखमरी और कुपोषण की स्थिति में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई है लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामले और पैसों का अभाव इस बीमारी को बढ़ावा जरूर दे सकता है। प्रदेश में लॉकडाउन के बाद कई लोगों की रोजी रोटी पर संकट आया है। कितने लोगों की नौकरी चली गई। घर का पेट पालने वाला व्यक्ति अब खुद ही खाने को मजबूर है। भुखमरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे- रोजगार सिमट गए हैं। इसके अलावा अनाज बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है। गरीबी में जी रहे ग्रामीण खाद्यान्न के अलावा स्वास्थ्य सेवाओं से भी वंचित हैं।

कोरोना महामारी के चलते खाद्यान संकट को बढ़ावा मिला है। देश के कई इलाकों में कोविड काल में श्रमिकों के पलायन, अनाज की उपलब्धता में कमी और रोजगार के अवसरों की कमी का असर बच्चों-महिलाओं में कुपोषण स्तर बढ़ने के रूप में सामने आ रहा है। उत्तर प्रदेश से सामाजिक कार्यकर्ता अनंतराम वर्मा कहते हैं कि कोविड काल में किए गए विभिन्न सर्वे में ये बात सामने आई है कि बच्चों की थाली में पोषक तत्वों की मात्रा 52 प्रतिशत कम हुई है। उनका मानना है कि अगर कोरोना की समस्या और बढ़ती है तो बड़े पैमाने पर सही पोषण न मिलने की समस्या से दो चार होना पड़ सकता है।

कुपोषण से करें बचाव

आयुष मंत्रालय ने इम्युनिटी बढ़ाने व पौष्टिक आहार ग्रहण करने पर कई सुझाव दिए हैं।

इम्युनिटी बढ़ाने के 11 उपाय

1 - पूरे दिन गर्म पानी पिएं।

2- रोजाना योगासनों का अभ्यास करें। कम से कम 30 मिनट तक प्राणायाम और योगासन करें।

3- खाना पकाने में रोजाना हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन जैसे मसालों का इस्तेमाल करें।

4- रोजाना सबेरे एक चम्मच (10g) च्यवनप्राश का सेवन करें। डायबिटीज से पीड़ित लोग शुगरफ्री ज्यवनप्राश खाएं।

5- तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सौंठ और मुनक्का का काढ़ा बनाकर दिन में एक या दो बार सेवन करें। इसमें जरूरत के अनुसार गुड़ या नीबू का रस मिला सकते हैं।

6- हल्दी मिला दूध पिएं। 150ml गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाएं। ऐसा दूध दिन में एक या दो बार पी सकते हैं।

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