पीसीएस UPPCS 2018: सपने-हौसले और मेहनत से इन्होंने बिखेरे सफलता के रंग, जाने टॉपर्स के अनसुने राज

लखनऊ. दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो मेहनत रंग लाती ही है। उत्तर प्रदेश पीसीएस-2018 (UPPCS 2018) की परीक्षा में होनहारों के सपने, हौसले और मेहनत ने सफलता के रंग बिखेरे हैं। किसी ने नौकरी में रहते हुए परीक्षा की तैयारी बनाए रखी तो किसी ने सफलता पाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। अपने-अपने क्षेत्र में जाकर अब ये युवा समाज के लिए कुछ अलग करना चाहते हैं। टॉप तीन में छात्राओं का ही कब्जा है। पानीपत की अनुज नेहरा ने टॉप किया तो गुरुग्राम की संगीता राघव दूसरे तथा मथुरा की ज्योति शर्मा तीसरे स्थान पर हैं। चौथे स्थान पर जालौन के विपिन कुमार शिवहरे व पांचवें स्थान पर पटना के कर्मवीर केशव हैं। आप अपने कर्म करते रहें निश्चित तौर पर सफलता की नई इबारत लिखेंगे। कुछ ऐसी ही सोच है उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के पीसीएस-2018 की यूपी टॉपर ज्योति शर्मा का। ज्योति ने पीसीएस में तीसरी रैंक हासिल की है। ज्योति के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल है और लखनऊ हाई कोर्ट में तैनात हैं। जबकि पानीपत अनुज नेहरा कहती हैं कि रिजल्ट देखकर तो खुद पर यकीन नहीं हुआ कि मेरा पहली रैंक आयी है। जबकि चौथा स्थान हासिल करने वाले विपिन शिवहरे वर्तमान में भोपाल में बतौर ऑडिट अफसर तैनात हैं। वहीं परीक्षा में अपनी मेधा और ज्ञान के बल पर सफलता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में आपकी प्रतिभा अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

 

ट्रांसपेरेंसी पर था शक: अनुज नेहरा (Anuj Nehra), पानीपत

पीसीएस-2018 का रिजल्ट आने से एक घंटा पहले पानीपत की अनुज नेहरा कमरे में बैठी रो रही थीं। रोना इस बात पर आ रहा था कि पता नहीं यूपी लोक सेवा आयोग के रिजल्ट में क्या होगा। उनकी मां उषा रानी ने उन्हें रोते देखा तो उन्होंने दिलासा देते हुए कहा कि सब अच्छा होगा। लेकिन अनुज को ये डर था कि पता नहीं हरियाणा के कैंडिडेट को यूपी में अच्छे नंबर मिलेंगे भी या नहीं। भर्ती में ट्रांसपरेंसी होगी या नहीं। इस उधेड़बुन के बीच जैसे ही रिजल्ट आया तो अनुज को यकीन नहीं हुआ कि उसने इस भर्ती परीक्षा में टॉप किया है। वे कहती हैं कि रिजल्ट देखकर तो खुद पर यकीन नहीं हुआ कि मेरा पहली रैंक आयी है। अनुज कहती हैं कि लाइफ में सबसे बड़ा मोटिवेशन उसके बड़े भाई से मिलता था। क्योंकि उन्होंने शुरू से लेकर अब तक अपनी पढ़ाई बेहद समर्पित होकर की है।

 

पिता की मेहनत सफल: विपिन शिवहरे (Vipin Shivhare), जालौन

जालौन के रहने वाले विपिन शिवहरे ने पीसीएस-2018 के रिजल्ट में चौथा स्थान हासिल किया है। वर्तमान में वे भोपाल के एजी ऑफिस में ऑडिट अफसर के पद पर तैनात हैं। उनकी इस सफलता पर परिवार के साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है। विपिन एट थाना क्षेत्र के अमीटा गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता चेतराम पेशे से किसान हैं। उनका एक भाई लेखपाल है। जबकि, तीसरा भाई और छोटी बहन सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं। फरवरी में विपिन की शादी ग्वालियर की रहने वाली आरती देवी से हुई है। विपिन ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई एट, कोच और उरई के स्कूलों से पूरी की है। विपिन के पिता चेतराम ने कहा कि अब हमारे परिवार की परेशानी दूर हो चुकी है।

 

भ्रष्टाचारी अफसर को सबक सिखाने के लिए बना हौसला- ज्योति शर्मा (Jyoti Sharma), मथुरा

अयोध्या के मिल्कीपुर ब्लॉक में बीडीओ (ब्लॉक डेवलेपमेंट ऑफिसर) के पद पर तैनात ज्योति शर्मा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग-2018 के परिणाम में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उनका दूसरा प्रयास था। ज्योति कहती हैं कि मैं एक ऐसे अफसर को जानती हूं कि जो जिले स्तर पर तैनात रहते हुए जनता के हित में अच्छा काम कर सकते थे। लेकिन, उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के मामला प्रदेश का चर्चित मामला बना। मैं उस अफसर को अच्छे से जानती थी। यह बात मुझे भीतर से झकझोर गई। तभी मैंने ठान लिया कि अब मुझे सिविल सर्विसेज के जरिए तैनाती पाकर उस अफसर को सबक सिखाना है।



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