बिकरू कांड: घटना के दौरान निलंबित थानाध्यक्ष ने चलाईं थीं 10 गोलियां

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर-बिकरू कांड में निलंबित थानाध्यक्ष चौबेपुर विनय तिवारी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस की लिखा पढ़ी में यह तथ्य भी सामने आया कि विनय ने घटना के दौरान दस राउंड फायरिंग की, लेकिन कोई आरोपी मारा नहीं गया। हालांकि पुलिस विवेचना में विकास दुबे के अपराधों पर पर्दा डालने से लेकर गैंग का साथ देने का आरोपी थानाध्यक्ष विनय तिवारी को बनाया गया है। कॉल रिकॉर्डिंग व कॉल डिटेल से उसकी मिलीभगत की पुष्टि भी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही सामने आ रहा है कि जब चौबेपुर एसओ ने दस राउंड गोलियां चलाईं तो कहां और किसके लगी। घटना की रात 2 जुलाई को जब पुलिस विकास के यहां दबिश डालने गई थी तो उस दौरान पुलिस की एक-एक टीम का नेतृत्व तीनो एसओ शिवराजपुर, बिठूर एवं चौबेपुर कर रहे थे। और इन सभी का नेतृत्व पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेन्द्र मिश्रा कर रहे थे।

क्षेत्रीय जानकारी होने के बावजूद चौबेपुर एसओ ने नहीं किया था ऑपरेशन का नेतृत्व

एक बात पुलिस की जांच में सामने आई कि सीओ के साथ शिवराजपुर एवं बिठूर दोनों थानाध्यक्ष रास्ते में खड़ी जेसीबी पार कर गए, लेकिन आरोपी चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी कुछ सिपाहियों के साथ काफी पीछे थे। इसके बाद विकास उसके साथियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, जिसमें आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई। पुलिस कर्मियों कि हत्या के बाद विनय ने हो वादी बनकर एफआईआर दर्ज कराई थी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्षेत्रीय थानाध्यक्ष होते हुए भौगोलिक जानकारी होने के बावजूद विनय ने ऑपरेशन का नेतृत्व नहीं किया। जबकि पुलिस लिखा पढ़ी में सामने आया कि विनय ने घटना के दौरान दस गोलियां चलाईं थी। लिखा पढ़ी में बड़ा सवाल यही है कि चलाईं गई वो दस गोलियां कहा लगीं। जब सामने से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई तो वह अपनी जान बचाकर वहां से निकला तो फिर गोलियां चलीं किस पर थीं।

एक और ऑडियो सीओ बिल्हौर और एसओ शिवराजपुर का वायरल

पुलिस अफसरों के मुताबिक वह कोर्ट में साबित करेंगे कि विनय के मैलाफाइड इंटेंशन थे। इस कारण उसने ज्यादा गोलियां चलाई थीं। शनिवार को दबिश के पहले शहीद सीओ बिल्हौर और शाहिद एसओ शिवराजपुर की बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है। जिसमें उन्होंने एसओ से फोन पर कहा कि विकास दुबे के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ है। चौबेपुर वाला। आपको तो मालूम ही है कि चौबेपुर वाला उसके पैर छूता है। अब एसएसपी ने कहा है कि गिरफ्तारी करो तो हिम्मत हार रहा है। फोर्स लेकर आप भी पहुंच जाइए। हम भी आ जाएंगे। कोई वो थोड़े ही है। इस पर जवाब में शहीद एसओ ने कहा, हां सर बिल्कुल कोई वो नहीं है। इसके बाद फोन काट दिया जाता है।



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