15 अक्टूबर से इन शर्तों के साथ खुल जाएंगे स्कूल, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, जानें नए नियम

लखनऊ. कोरोनाकाल में बंद चल रहे स्कूलों को अनलॉक 5 के तहत 15 अक्टूबर से दोबारा खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने दिशानिर्देश जारी किये हैं। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में दो से तीन हफ्ते तक कोई परीक्षा नहीं ली जाएगी। साथ ही ऑनलाइन प्रशिक्षण को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सावधानियों के आधार पर मानक परिचालन प्रक्रिया बनाने को भी कहा है। स्कूलों को सभी क्षेत्रों, फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी, पानी के टैंक, रसोंईघर, कैंटीन, शौचालय, प्रयोगशाला, पुस्तकालय की पूरी तरह सफाई और उन्हें संक्रमणमुक्त करने की व्यवस्था करनी होगी। वहीं शिक्षा मंत्रालय ने सिफारिश की है कि स्कूलों को उपस्थिति व अव्यवस्थता अवकाश संबंधी नीतियों में लचीलापन लाना चाहिये। छात्र माता-पिता की लिखित सहमति से ही स्कूल आ सकते हैं। छात्र चाहें तो स्कूल के बजाय ऑनलाइन कक्षाएं करते रह सकते हैं। इन सभी दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश में स्कूल संचालकों ने अपनी तौयारियां शुरू कर दी हैं।

दिशा-निर्देश जारी

वहीं इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट करके कहा है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य के लिए अपना स्वयं का मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करना होगा। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह निर्देश दिया है कि वे अपने प्रदेश की स्थिति देखते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए व्यवस्था करें। विद्यार्थियों के शारीरिक और सामाजिक दूरी के साथ स्कूल आने को लेकर भी मंत्रालय ने निर्देश दिये। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि स्कूल खुलने के कम से कम दो से तीन सप्ताह के भीतर कोई भी परीक्षा या टेस्ट नहीं लिया जाएगा और ऑनलाइन लर्निंग जारी रहेगी, जिसे प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।


स्कूल खोलने को लेकर गाइडलाइंस

- स्कूल खुलने के दो-तीन सप्ताह तक परीक्षा नहीं।
- स्कूलों में एनसीईआरटी का वैकल्पिक एकेडेमिक कैलेंडर को हो सकता है लागू।
- स्कूलों में मिड-डे मील को लेकर खास सावधानी।
- स्कूल परिसर में सभी स्थानों पर साफ-सफाई।
- स्कूलों में अलग-अलग टीमों का हो गठन।
- स्कूल खुद भी बना सकते हैं स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी)।
- स्कूल में सामाजिक दूरी का करना होगा पालन।
- सभी छात्र-छात्राएं और स्टाफ फेस कवर या मास्क लगाकर ही आएंगे स्कूल।
- स्कूल में लगाने होंगे जरूरी नियमों को बताने वाले बोर्ड या सूचना पट्ट।
- सरकारें अपने यहां के अभिभावकों से उनके बच्चों के स्कूल जाने को लेकर मांग सकती हैं सहमति।
- जो छात्र घर से पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं उन्हें इसके लिए होगी अनुमति।
- कोविड- 19 से लड़ने में उनकी भूमिका के बारे करना होगा जागरूक।
- सभी कक्षाओं के लिए क्लास और एग्जाम के लिए बनाना होगा शैक्षणिक कैलेंडर।
- स्कूल में फुल टाइम मौजूद होना चाहिए डॉक्टर या नर्स या अटेंडेंट।

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