जिले के 20 अनुदानित मदरसों के शिक्षक नियुक्ति में अनियमितता की जांच करेगी एसआईटी

आजमगढ़. फर्जी अंकपत्र व अन्य प्रामण पत्रों के जरिये नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अब राज्य सरकार ने 20 अनुदानित व आधुनिकीकरण योजना के तहत संचालित 267 मदरसों के 1115 शिक्षकों के अंकपत्र व अन्य प्रमाण पत्रों की जांच कराने का फैसला किया है। अनुदानित 20 मदरसों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितता की जांच विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) करेगा। एसआइटी के डीआइजी जे. रविदर गौड़ ने जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक परशुराम सिंह को सौंपी है। वहीं आधुनिकीकरण योजना से संचालित मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण पत्र की जांच जिला स्तरीय कमेटी करेगी। इसके लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया है।
बता दें कि पिछले दिनों प्राथमिक, जूनियर सहित कस्तुरबा गांधी विद्यालय में कई शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिये नौकरी करते पकड़े गए थे। इसके बाद शासन इन विद्यालयों के सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र की जांच करा रहा है। अब शासन ने अनुदानिय व आधुनिकीकरण योजना के तहत संचालित मदरसों के शिक्षकों के भी प्रमाण पत्र की जाचं का फैसला किया है।
अल्पसंख्यक विभाग के विशेष सचिव ने 20 अनुदानित और आधुनिकीकरण योजना में संचालित 267 मदरसों के कुल 1115 शिक्षकों के अंकपत्रों की जांच के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में एसआइटी के जिम्मे अनुदानित 20 मदरसों के 400 शिक्षकों के अंक पत्रों की जांच सौंपी गई है। वहीं आधुनिकीकरण योजना के मदरसों के शिक्षकों के अभिलेखों की जांच जिला स्तरीय कमेटी करेगी।
फैसला लिया गया है कि मदरसा शिक्षकों के अंकपत्रों और अन्य मूल अभिलेखों की जांच दो चरणों में होगी। पहले चरण में मूल अंकपत्रों के अलावा आनलाइन प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में अंकपत्रों को सत्यापन के लिए यूपी बोर्ड और संबंधित विश्वविद्यालयों के पास भेजा जाएगा। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद जांच आख्या डीएम को दी जाएगी।
नोडल अधिकारी/जिला अल्पसंख्यक अधिकारी साहित्य निकष सिंह का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। शिक्षकों के अंकपत्रों की जांच शासन स्तर से नामित अफसर करेंगे। आधुनिकीकरण योजना के मदरसों के शिक्षकों के अंकपत्रों की जांच की जिम्मेदारी जिला स्तरीय कमेटी को दी गई है। जांच निर्धारित समय में पूरी कर रिपोर्ट सम्मिट की जाएगी।

BY Ran vijay singh



Advertisement