आजमगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की सेहत सुधरी, स्वास्थ्य रैंकिंग में हासिल किया 26वां स्थान

आजमगढ़. अक्सर लापरवाही के आरोप से घिरे रहने वाले स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण काल में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में न केवल मृत्युदर का आंकड़ा गिरा है बल्कि हैल्थ रैंकिग में भी सुधार हुआ है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य महकमें को और भी सुधार का निर्देश जारी किया है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि आजमगढ की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले महीने की प्रदेश की हेल्थ रैंकिंग में 72 वीं पायदान से बेहतर करते हुए हम इस महीने 26 वें स्थान पर आ गए है। इस दौरान जिले के स्वास्थ्य महकमें ने काफी बेहतर काम किया है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की लगातार मानीटरिंग व कांटैक्ट ट्रेसिंग से कोरोना के संक्रमण को बढने से रोकने में सफलता मिली है। सितंबर तक आजमगढ में 01 लाख 36 सैंपल की जांच की गई। जिसके हिसाब से 3.3 प्रतिशत लोग संक्रमित पाए गए। वहीं मृत्यु दर पहले के 1.4 से घटकर 1.1 हो गयी है।

सेंट्रल कमांड यूनिट की मदद से पाजिटिव मरीजों के संपर्क को भी काफी कायदे से ट्रैक कर उनकी जांच कराई गई। निगरानी समित ने लगातार पाजिटिव मरीजों पर नजर रखी रोजाना दोबार बात की गई। टीम 11 की मदद से कंटेनमेंट जोन की मानीटरिंग की गई। इसके अलावा बड़े समूहों की जांच भी कराई गई।

डीएम ने बताया कि अब तक जिले में 15 सौ कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। इनमें से 366 नगर व 1179 ग्रामीण क्षेत्र में रहे। मरीजों के ठीक हो जाने व नए केस न मिलने से अब महज जिले भर में 201 कंटेनमेंट जोन ही बाकी रह गए हैं, जिनमें से नगर में केवल 35 जोन ही बाकी रह गए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि आइवरमैक्टिन दवा का अच्छा परिणाम कारोनो से बचाव व संक्रमण देखने को मिला है। इस दवा के 12 एमजी की हफ्ते में एक डोज व लगातार हफ्तों में दो डोज लेने वाले लोगों को बेहतर परिणाम मिले हैं। अपने फ्रंट लाइन कर्मचारियों को यह दवा दी गई। अब तक 23 हजार लोगों को यह दवा दी गई जिसमें से 16 हजार का टेस्ट किया गया जिसमें से महज 60 लोग ही पाजिटिव मिले हैं। बाकी के लागों का भी टेस्ट किया जा रहा है। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

BY Ran vijay singh



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