अयोध्या में खुलेंगे चार फ्यूल स्टेशन, अगले पांच सालों में होगा 500 करोड़ का इन्वेस्टमेंट

अयोध्या. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। रामनगरी में भव्य मंदिर बनाए जाने के साथ ही इस शहर को किसी बड़े शहर की तरह तमाम सुविधाओं से लैस करने की कवायद भी जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या की धार्मिक छवि को बरकरार रखने के साथ-साथ इसे पर्यटन स्थल में भी विकसित करना चाहती है। इसी क्रम में यहां रामलला के दरबार के पास सीएनजी फ्यूल स्टेशन खोलने का निर्णय लिया गया है। वित्त निदेशक एके तिवारी के अनुसार, अगले पांच सालों में अयोध्या में 500 करोड़ का इन्वेस्टमेंट कंपनी करेगी। एक साल में दौ गैस फ्यूल स्टेशन खुलेंगे। मार्च 2021 तक यह काम लगभग पूरा हो जाएगा। योजना सफल होने पर इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपी में अगले पांच साल में 1600 करोड़ रुपये का निवेश ग्रीन गैस करेगी। अयोध्या के साथ ही लखनऊ, सुल्तानपुर और उन्नाव जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी अपना प्रोजेक्ट तैयार कर रही है।

जगह की तलाश जारी

एके तिवारी का कहना है कि मार्च 2021 तक अयोध्या में रामलला मंदिर के पास कंपनी सीएनजी स्टेशन तैयार किया जाएगा। इसके लिए जगह की तलाश जारी है। वहीं, दूसरा सीएनजी फ्यूल स्टेशन अयोध्या के सोहरामऊ रोड पर खुलेगा। इसके लिए कंपनी ने जमीन तलाश ली है।

लखनऊ में वितरित होंगे 25000 सीएनजी कनेक्शन

यूपी में 61 सीएनजी स्टेशन हैं। जिसमें 1.4 लाख घरेलू पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। वित्त निदेशक ने कहा कि लखनऊ में करीब 25000 सीएनजी गैस स्टेशन वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा सुलतानपुर और उन्नाव जैसे क्षेत्रों में भी सीएनजी फ्यूल स्टेशन बढ़ाने और पीएनजी कस्टमर को बढ़ाने के लिए कंपनी की ओर से काम किया जाएगा। इन क्षेत्रों पर भी फोकस रहेगा।

90 प्रतिशत काम पूरा

वित्त निदेशक ने कहा कि कोविड-19 के कारण सीएनजी गैस फ्यूल स्टेशन के काम में आठ महीने की देरी हुई है। अनलॉक के बाद धीरे-धीरे व्यवसाय पटरी पर आए हैं। इस क्षेत्र में भी काम शुरू हो चुका है। लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

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