कोरोना के कारण 70 साल में पहली बार नहीं निकलेगा बारावफात का जुलूस, 27 को प्रशासन जारी करेगा गाइडलाइन

वाराणसी. इस बार कोरोना वायरस की वजह से 29 अक्टूबर को बारावफात का जुलूस नहीं निकलेगा। मरकजी योमुत्रबी कमेटी के पदाधिकरियों ने शनिवार को देर तक इस मसले पर चर्चा की और निर्णय लिया कि शासन की गाइडलाइन पर ही परम्पराओं का निर्वहन किया जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व चेयरमैन अल्पसंख्यक आयोग शकील अहमद ने कहा कि कोरोना के खिलाफ सब मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बारावफात के जुलूस मामले पर 27 को प्रशासन गाइडलाइन देगा।

मुसाफिर खाने में होगा आयोजन

शकील अहमद ने कहा कि यह जुलूस हर साल बेनियाबाग हड़हा मैदान से उठकर नारियल बाजार, नई सड़क, छत्ता-तले, लंगड़े हाफिज से होते हुए कई किलोमीटर का सफर तय कर भीखा शाह गेट पर समाप्त होता है। इस बार हम लोगों ने पहले से ही मुसाफिर खाने का हॉल बुक कर लिया है, वहां आयोजन होगा।

हर साल निकलता है विशाल जुलूस

हर साल बारावफात का विशाल जुलूस निकलता है। जुलूसों में नबी के आने का पैगाम देतीं हरी झंडियों के साथ तिरंगा भी खूब लहराया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना के चलते यह सब नहीं हो सकेगा। कमेटी ने तय किया है कि गाइडलाइन के तहत जो भी कहा जाएगा, वे उसका पालन करेंगे। त्योहार को गाइडलाइन के अनुसार मनाया जाएगा।

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