कार्रवाई से गुजर रहे 85 शिक्षकों को राहत, कोर्ट के आदेश पर बहाल हुआ वेतन

आजमगढ़. दशहरे पर अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में अनियमिति नियुक्ति को लेकर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही 85 शिक्षकों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के आदेश पर विभाग ने सभी शिक्षकों का वेतन बहाल कर दिया है।

बता दें कि तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय के कार्यकाल में जिलें के 58 अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में 85 शिक्षकों के रिक्त पद पर नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत पर तत्कालीन मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने मामले की जांच कराई तो इसमें भारी अनियमितता पाई गयी थी।

नियुक्ति में अनियमितता पर 18 फरवरी 2020 को शासन ने आयुक्त की संस्तुति पर तत्कालीन बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया था। शिक्षा निदेशक बेसिक ने अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में अनियमित ढंग से अनुमोदित 20 प्रधानाध्यापकों, 34 सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में कला वर्ग व भाषा अध्यापक के पद पर नियुक्त 45 अध्यापकों तथा 20 अशासकीय अनुदानित जूनियर हाई स्कूलों में 20 सहायक अध्यापकों की सेवाओं को समाप्त किए जाने निर्देश दिया था।

इसके बाद शिक्षा विभाग ने इनका वेतन रोक दिया था तथा इनके खिलाफ कार्रवाई में जुटा था। इसके बाद इन शिक्षकों ने कोर्ट का सहारा लिया। मामले में सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश को निरस्त कर दिया और बीएसए का कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही संबंधित विभाग को शिक्षकों का वेतन बहाल करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों का वेतन बहाल कर दिया हैं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीश कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय से 85 शिक्षकों के मामले में पुराने सभी आदेश को निरस्त कर दिया है। साथ ही शिक्षकों का वेतन बहाल करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सभी शिक्षकों का वेतन बहाल कर दिया गया है।

BY Ran vijay singh



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