किसानों की पराली का टेंशन खत्म, खेतों से गोशाला तक पराली पहुंचवाएंगे प्रधान व पशुपालन अधिकारी

आजमगढ़. यूपी की योगी सरकार ने एक तीर से दो शिकार का फैसला किया है। एक तरफ सरकार जहां फसल अवशेष को जलने से बचाकर पर्यावरण को संरक्षित करने व आवारा पशुओं के लिए चारे का प्रबंधन करेगी वहीं किसानों के खेत से अवशेष हटवाकर उनके दिल में भी उतरने की कोशिश करेगी। इस बार खरीफ की फसल कटने के बाद अवशेष को गोशाला तक पहुंचाने के लिए राज्य वित्त अथवा मनरेगा से बजट खर्च किया जाएगा। यही नहीं सभी कम्बाईन हार्वेस्टर पर एक कर्मचारी तैनात किया जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई अवशेष जलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। शासन के निर्देश के बाद प्रशासन ने प्रधान से लेकर लेखपाल तक की जिम्मेदारी तय कर दी है।


बता दें कि मजदूरों की कमी के कारण अब फसलों की कटाई मशीन से कराना किसानों की मजबूरी बन गयी है। कम्बाईन हार्वेेस्टर से फसल कटवाने के बाद पूरे खेत में बिखेरे अवशेष को एकत्र करना किसानों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है। जहमत से बचने के लिए अवशेष को लोग खेतों में ही जला देते है। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति भी नष्ट होती जा रही है। अवशेष जलाने पर सरकार ने अर्थदंड का प्राविधान किया। रबी की सीजन में सैकड़ों किसानों से अर्थदंड भी वसूला गया लेकिन अवशेष जलाने के मामलों में कमी नहीं आयी बल्कि सरकार के प्रति किसानों का आक्रोश जरूर बढ़ गया।

अब खरीफ के फसल की कटाई शुरू हो गयी है। किसान अवशेष न जलाए और उन्हें बहुत अधिक जहमत भी न उठाई पड़े इसके लिए सरकार ने पहले ही व्यवस्था कर दी है। सरकार के निर्देश के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वे बैठक कर सुनिश्चित करें कि ग्राम पंचायतों मंे पराली का संग्रह किस स्थान पर किया जाएगा। इसके लिए प्रधान, लेखपाल के साथ मिलकर किसानों को जागरूक करें। पराली के एक्स-सीटू-प्रबन्धन के अन्तर्गत कृषकों के खेत से पराली संग्रह करने हेतु आवश्यक धनराशि की व्यवस्था मनरेगा अथवा वित्त आयोग से करें। किसानों के खेत से गौशाला स्थल तक पराली की ढोआई पशुपालन विभाग द्वारा करायी जाएगी। लेखपाल की जिम्मेदारी होगी कि अपने क्षेत्र मंे फसल अवशेष जलने की घटानायें बिल्कुल नही होने देगें। घटना होने पर लेखपाल और प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

हार्वेस्टर पर तैनात होंगे कर्मचारी
जिलाधिकारी ने एसडीएम व जिला कृषि अधिकारी ने निर्देश दिया है कि जनपद में जो 208 कम्बाईन हार्वेस्टर है उस पर कृषि मित्र, तकनीकी सहायक एवं एडीओ कृषि की ड्यिुटी लगाएं। कम्बाईन हार्वेेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेण्ट सिस्टम या स्ट्रारीपर अथवा स्ट्रारीपर, स्ट्राटेक एवं बेलर का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा। यदि कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेण्ट सिस्टम स्ट्रारीपर अथवा स्ट्राटेक एवं बेलर के बिना चलती हुई पायी जाती है तो तत्काल सीज करें।

BY Ran vijay singh



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