रालोद की लोकतंत्र बचाओ पंचायत में भीड़ ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, हजारों की संख्या में पहुंचे लोग

मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार द्वारा लाये गये 3 कृषि बिलों और हाथरस में गैंगरेप कांड के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को 'लोकतंत्र बचाओ महापंचायत' में उमड़ी किसानों की भारी भीड़ को देखकर जिला प्रशासन की सांसें फूली रही। वहीं भीड़ को देखकर मंचासीन नेता गदगद नजर आये। महापंचायत में वक्ताओं का भाषण हाथरस में जयंत चौधरी हुई लाठीचार्ज की घटना के इर्दगिर्द रहा।

राष्ट्रीय लोक दल द्वारा आयोजित की गई महापंचायत सर्वदलीय महापंचायत में तब्दील हो गई। जिसमें समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और शिवसेना के साथ-साथ भारतीय किसान यूनियन सहित कई अन्य राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठन शामिल हुए। इसके अलावा खाप चौधरियों ने भी जयंत चौधरी को समर्थन दिया। हरियाणा से दीपेंद्र हुड्डा, अभय सिंह चौटाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश सहित कई हस्तियां भी शामिल हुईं। इसके अलावा पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक पंकज मलिक, सहारनपुर से विधायक रहे इमरान मसूद, शामली की कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन के अलावा सपा के कई बड़े नेता मौजूद रहे।

लोकतंत्र बचाओ महापंचायत में समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने हाथरस कांड की निंदा करते हुए जयंत चौधरी के लिए लोगों से समर्थन मांगा और एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वे यहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश लेकर आए हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि सपा रालोद गठबंधन पहले भी रहा है और आगे भी विधानसभा उपचुनाव सहित 2022 विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की विरासत को अब तक नेताजी मुलायम सिंह यादव व चौधरी अजीत सिंह ने आगे बढ़ाया है और अब अखिलेश यादव व जयंत चौधरी आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने हाथरस कांड और कृषि बिल को लेकर सरकार को घेरा। महापंचायत में जयंत चौधरी ने हाथरस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि हाथरस में उन्हें दो लाठियां पड़ी हैं। आप लोगों के लिए वे 100 खाने को तैयार हैं। जयंत चौधरी ने महापंचायत में आए उन नेताओं को इशारों ही इशारों में कहा कि किसान हित में वापस घर आ जाओ। यही तुम्हारी इज्जत है, जो रालोद छोड़कर दूसरे दलों में जा चुके हैं। महापंचायत में ट्रैक्टर ट्रालियों से लेकर गाड़ी व बसों से भारी संख्या में किसान पहुंचे।



Advertisement