हाथरस कांड के बाद भीम आर्मी प्रमुख को नजरबंद करने पर कार्यकर्ताओं ने की पंचायत

मुजफ्फरनगर. हाथरस में दलित युवती से गैंगरेप और उसके बाद भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर को नजरबंद करने पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरनगर के थाना भोपा क्षेत्र के कस्बा भोकरहेडी रविदास आश्रम में पंचायत का आयोजन किया। पंचायत के बाद मृतक युवती के परिवार को 50 लाख का मुआवजे समेत सरकारी नौकरी देने की मांग का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम ईओ प्रतिनिधी कार्यालय बाबू संजीव शील को दिया गया।

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इस दौरान भीम आर्मी एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा शासित सरकार ने तानाशाही करते हुए पीड़िता के परिवार को बेटी का अन्तिम संस्कार करने तक का मौका नहीं दिया। पंचायत को संबोधित करते हुए भीम आर्मी जिला अध्यक्ष टीकम बोध ने कहा कि प्रदेश सरकार में दबे कुचले लोगों का योजना के तहत शोषण किया जा रहा है। हिंदू धर्म के नाम पर प्रदेश मे मौजूदा सरकार दगे कराने में लगी है। पीड़िता की बेहरमी से हत्या की गई है, यह आतंक नहीं तो और क्या है। गांव पचेंडा व मोरना में बदमाशों का जंगलराज कामय है, जिससे दो परिवार घर से बेघर हो गए हैं।

भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने रविदास आश्रम से नगर पंचायत कार्यालय तक सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए हाथरस हत्याकांड के दरिंदों को फांसी देने की मांग की। इस दौरान अंकुर गंगवालिया, मनीष गोतम, रवि प्रकाश, सुशील, पंकज, रविंद्र, शहनवाज, भूपेंद्र, जोनी, सचिन, अकिंत, अरुण, रोहन, रवि प्रकाश, अनुज मनोज, गोरव, मोहित, प्रिंस, कुणाल, आदित्य पारस आदि सैकड़ों ने पंचायत में हिस्सा लिया।

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