शहीद जवान को पैतृक गांव में अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि और सलामी,अंतिम संस्कार करने की हो रही तैयारी

रायबरेली . 5 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर के पम्पोर बाईपास पर आतंकियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हुए रायबरेली के डलमऊ तहसील के सपूत शैलेन्द्र प्रताप सिंह का शव आज उनके पैतृक गांव मीरमीनार से अंतिम यात्रा पर हजारों लोगों के साथ शैलेन्द्र सिंह अमर रहे नारो के साथ डलमऊ घाट के लिए निकली।इस बीच शहीद के गांव में जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक,उपजिलाधिकारी व आदि ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।शहीद को सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी और उसके बाद उनका शव संस्कार के लिए ले जाया गया।

शहीद जवान को पैतृक गांव में अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि और सलामी

बताते चले कि जिले के डलमऊ तहसील के मीरमीरानपुर निवासी नरेंद्र बहादुर सिंह के पुत्र शैलेन्द्र प्रताप सिंह 2009 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे।वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में थी।5 अक्टूबर को आतंकियों से लोहा लेते हुए शैलेन्द्र प्रताप सिंह गोली लगने से घायल हो गए और शहीद हो गए।शहीद का शव कल जब उनके वर्तमान निवास मलिकमऊ पहुचा तो हजारों लोगों ने नारो के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी देर रात उनके शव को उनके पैतृक गांव लाया गया।जंहा आज सुबह से ही उनको श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग पहुच रहे थे।जिला प्रशासन की ओर से डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसपी श्लोक कुमार ने पुष्पचक्र चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।इस बीच मौके पर मौजूद सीआरपीएफ ने उन्हें सलामी दी और शहीद के शव को अंतिम संस्कार के लिए डलमऊ घाट के लिए रवाना किया गया।शहीद के शव को डीएम एसपी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने कंधा दिया।



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