बंदियों की मनोदशा में होगा सुधार, बंदी रक्षकों को मिलने वाले बॉडी वार्न कैमरे की खासियत, जाने कैसे काम करेंगे ये कैमरे

लखनऊ. प्रदेश की जिला जेलों में बंदी रक्षक बॉडी वार्न कैमरे पहनकर काम करेंगे। इसमें कई तरह के फीचर्स होंगे। डीजी आनन्द कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने इन जेलों में बॉडी वार्न कैमरे (बीडब्लूसी) लगाने की मंजूरी दे दी है। इसमें विजुएल के साथ आवाज रिकॉर्ड होगी, जिसकी रिकॉर्डिंग कंट्रोल रूम में होगी। ये बॉडी वार्न लखनऊ समेत यूपी के 25 जिला जेलों में बंदी रक्षक को दिए जाएंगे। यूपी को इसके लिए 80 लाख रुपये मिलेंगे।

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बन्दियों की मनोदशा में सुधार होगा

डीजी आनन्द कुमार के नुसार, बॉडी वार्न बंदियों की मनोस्थिति को समझने में मदद करेगा। मनोवैज्ञानिकों, मनोचिकित्सकों, विधि-फॉरेंसिक विशेषज्ञ की मदद से बंदियों की मनोदशा को समझने का प्रयास किया जाएगा। वीडियो बंदियों के परिजनों को भी दिखाए जाएंगे ताकि वह उन्हें भी समझा सकें।

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इन जेलो में लगेंगे कैमरे

लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, बरेली, प्रयागराज, मुरादाबाद, सुल्तानपुर, आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, प्रतापगढ़, नोयडा, गाजियाबाद, फतेहगढ़, इटावा, सीतापुर, बागपत, मथुरा समेत 25 जेलें हैं। इन जेलों में पहले चरण में बॉडी वार्न कैमरे लगेंगे।

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