बलिया में यूपी की क़ानून व्यवस्था का सच आ गया है सामने : अखिलेश यादव

लखनऊ. बलिया में गुरुवार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर विवाद और फिर हत्या की वारदात के बाद राजनीति शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियों ने भाजपा और योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूपी की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहाकि, बलिया में सत्ताधारी भाजपा के एक नेता के, एसडीएम और सीओ के सामने खुलेआम, एक युवक की हत्या कर फ़रार हो जाने से उप्र में क़ानून व्यवस्था का सच सामने आ गया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को ट्विट करते हुए लिखा कि, बलिया में सत्ताधारी भाजपा के एक नेता के, एसडीएम और सीओ के सामने खुलेआम, एक युवक की हत्या कर फ़रार हो जाने से उप्र में क़ानून व्यवस्था का सच सामने आ गया है। अब देखें क्या एनकाउंटरवाली सरकार अपने लोगों की गाड़ी भी पलटाती है या नहीं।

इससे पूर्व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि, “किसान को अन्नदाता की श्रेणी में रहने दिया जाए। लेकिन कृषि को उद्योगों जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। कृषि से सम्बन्धित तीनों कानून किसानों के हितों के विरूद्ध है। इसके खिलाफ किसानों में व्यापक आक्रोश है। उसकी योजना अन्नदाता को खेतिहर मजदूर बना देने की है। किसान की खेती कॉरपोरेट को सौंप दी जाएगी। उसकी फसल का सौदा भी अब बड़े एजेंटों, व्यापारियों की मर्जी पर होगा।



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