सरकार ने वापस लिया डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर से मुकदमा, कोर्ट ने दी मंजूरी

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा सरकार ने वापस ले लिया है। अभियोजन द्वारा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले में दी गई मुकदमा वापसी की अर्जी एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज डाॅ. बालमुकंद ने मंजूर करते हुए मुकदमा समाप्त कर दिया। जिला शासकीय अधविक्ता राजेश कुमार गुप्ता व डिजीसी जीसी अग्रहरि व कुंज बहिरी मिश्रा को सुनकर स्पेशल जज ने मुकदमा वापसी की अर्जी मंजूर करते हुए मामले में केशव प्रसाद मौर्य समेत 10 लोग दोषमुक्त कर दिया।

 

कौशाम्बी जिले के मोहब्बतपुर पइंसा थानाक्षेत्र में कुछ लोगों ने ऊर्जी संस्था 'जय मां दुर्गा कमेटी’ बनाकर सभा की इजाजत ली और दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के आयोजन में जुट गए और लाउडस्पीकर से घोषणा भी की। मामले की जांच करने पर संस्था फर्जी निकली। उस समय लागू धारा 144 का भी उल्लंघन किया गया। इस मामले में 25 अगस्त 2008 को थाना प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में राधेश्याम, अनिल दुबे, अशोक मौर्य, राम खेलावन, रमेशचन्द्र, विनोद पटेल, विद्वान गोस्वामी, राम लोटन, श्याम प्रसाद और केशव प्रसाद मौयर् के खिलाफ मुकदमा दर्ज होेने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया, जिसके बाद कोर्ट ने संज्ञान लेकर कार्यवाही की। केशव प्रसाद मौर्या सहित सभी को जमानत मिल गई। सरकार की ओर से इस मुकदमे को जनहित में वापस लिये जाने का फैसला किया गया था।

 

मुकदमा वापसी का मामला विशेष अदालत में पेश करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के खिलाफ विचाराधीन मुकदमा वापस लेने की इजाजत कोर्ट से मांगी गई। अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि इस मामले में जनता को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है, सलिये शासन को यह मुकदमा वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी गई।



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