हाथरस केस : डीएम व निलंबित एसपी सहित तीन के खिलाफ कानपुर कोर्ट में परिवाद दायर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर-हाथरस घटना को लेकर पूरे देश में आक्रोश दिख रहा है। वहीं इस मामले में कानपुर अधिवक्ता ने सीएमएम कोर्ट में हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार एवं निलंबित एसपी सहित क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर पर परिवाद दर्ज कराया है। मामले में 18 अक्टूबर को बयान दर्ज होंगे। गैर इरादतन हत्या, साक्ष्य मिटाने, बलवा, किसी के धर्म को अपमानित करने व षड़यंत्र आदि धाराओं में तलब करने के लिए परिवाद दर्ज कराया गया है। कानपुर के फजलगंज निवासी आकांक्षा की तरफ से अधिवक्ता प्रियांशु सक्सेना व प्रियंका ने कोर्ट में परिवाद दर्ज कराते हुए कहा कि हाथरस में युवती के साथ नृशंसता हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। 29 सितंबर को पीड़िता की मौत हो गई।

इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार

इसके बाद वहां के पुलिस प्रशासन ने परिजनों की रजामंदी के बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। आकांक्षा ने कहा कि पीड़ित परिजनों को अपने धर्म व रीति के अनुसार अन्तिम संस्कार करने का संवैधानिक अधिकार है। जिसका पुलिस व प्रशासन ने उल्लंघन किया है। पीड़ित परिवार को न्याय देने की बजाय सबूतों को मिटाने के लिए देर रात पुलिस-प्रशासन ने शव को जला दिया। इन सबके लिए हाथरस के डीएम व पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। हाथरस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने भी मुख्यमंत्री से मांग की है।

अधिवक्ताओं ने यहां किया प्रदर्शन

बार व लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर हाथरस घटना को लेकर प्रदर्शन भी किया। इसमें अधिवक्ताओं ने हाथरस के डीएम, निलंबित एसपी व अन्य दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र एवं सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज करने, घटना की सीबीआई जांच, आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे का विचारण कराने एवं पीड़िता के परिवार को 50 लाख मुआवजा सहित एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
है।



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