कोरोना का खतरनाक असर, लैदर की गेंद जैसे सख्त हो जाते हैं फेफड़े, शव के कांटेक्ट में आने से भी फैलता है वायरस

लखनऊ. महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस ने देश भर में अब तक करोड़ो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लाखों लोगों ने कोरोना को मात भी दी है। कई ऐसे भी केसेस हैं, जिनमें एक बार ठीक हो जाने के बाद व्यक्ति दोबारा कोरोना से संक्रमित हो जाता है। इससे भी ज्यादा हैरानी वाली है कि संक्रमण से मौत के बाद संक्रमित व्यक्ति के शव के कांटेक्ट में आने से दूसरे लोगों में कोविड का वायरस फैल सकता है।

फेफड़ों को तबाह करता है कोरोना

कोरोना वायरस मनुष्य के रेस्पिरेटरी सिस्टम में जाकर उसके फेफड़ों को तबाह कर देता है। इसमें कई मरीजों की मौत तक हो जाती है। कोरोना हमारे शरीर पर व फेफड़ों पर कितना बुरा असर डालता है, इसका एक उदाहरण कर्नाटक में देखने को मिला है। यहां 62 साल के एक मरीज के कोरोना संक्रमित होने के बाद फेफड़े किसी 'लैदर की बॉल' की तरह सख्त हो चुके थे। फेफड़ों का इतना बुरा हाल होने के बाद मरीज की मौत हो गई। इससे भी ज्यादा हैरानी वाली बात ये है कि मरीज की मौत के 18 घंटे बाद भी उसकी नाक और गले में वायरस एक्टिव था। यानी संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद भी शव के संपर्क में आने से दूसरे लोग बीमार पड़ सकते थे।

शव से भी फैल सकता है संक्रमण

कोरोना वायरस का संक्रमण किसी संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद उसके शव से भी फैल सकता है। कर्नाटक में जिस व्यक्ति के फेफड़े कोरोना से खराब हुए थे, उसके कोशिकाओं में खून के थक्के जम चुके थे। शव के सैम्पल को जांच के लिए भेजे गए, तो पता चला कि मौत के बाद भी गले और नाक वाला सैम्पल कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव था। इसका मतलब हुआ कि कोरोना मरीज का शव दूसरे लोगों को संक्रमित कर सकता है।

यूपी में चार लाख से अधिक कोविड मरीज

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के चार लाख से अधिक मरीज हो गए हैं। प्रदेश में कुल कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़कर 4,66,060 हो गयी है। इनमें से उपचाराधीन रोगियों की संख्या 28,268 है जबकि प्रदेश में अब तक 4,30,962 रोगी ठीक होकर अस्पताल से छुटटी पा चुके हैं। वहीं, 24 घंटे में प्रदेश में कोविड से 40 रोगियों की मौत हो चुकी है, जिन्हें मिलाकर प्रदेश में अब तक संक्रमण से मरने वालो की कुल संख्या 6,380 तक पहुंच गयी है।

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