बाहुबली विजय मिश्रा की पत्नी की गिरफ्तारी का खतरा फिलहाल टला, कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

प्रयागराज. जेल में बंद बाहुबली विधायक विजय मिश्रा की पत्नी पर मंडरा रहा गिरफ्तारी का खतरा फिलहाल टल गया है। विजय मिश्रा की पत्नी एमएलसी रामलली मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सशर्त अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी है। हालांकि बेटे विष्णु मिश्रा को कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा है कि शर्तों का उल्लंघन करने की स्थिति में अंतरिम अग्रिम जमानत के खिलाफ अर्जी दाखिल की जा सकती है। कोर्ट की ओर से रामलली मिश्रा की अर्जी पर राज्य सरकार से चार सप्ताह में जानकारी भी मांगी गई है और अर्जी को भी सुनवाई के लिये चार सप्ताह बाद पेश करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया।

 

कोर्ट ने रामलली मिश्रा को डेढ़ लाख रुपये मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने उन्हें सात अक्टूबर से एक सप्ताह तक रोजाना 11 बजे विवेचना अधिकारी के सामने हाजिर होने और विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। इतना ही नहीं यदि इसके बाद भी उन्हें बुलाया जाता है तो वह विवेचना अधिकारी के सामने पूछताछ के लिये हाजिर होंगी। रामलली बिना इजाजत के विदेश यात्रा पर भी नहीं जा सकेंगी। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट (यदि है तो) उसे संबंधित एसएसपी या एसपी के पास जमा कराने को कहा गया है।

 

उधर कोर्ट ने विजय मिश्रा के बेटे और सह अभियुक्त विष्णु मिश्रा को कोर्ट ने विवेचना में सहयोग न करने की बात कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। विष्णु के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी है। उसके खिलाफ पुनरिक्षण आवेदन खारिज कर दिया गया है।

 

बताते चलें कि विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा व बेटे विष्णु मिश्रा के खिलाफ उन्हीं के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने मकान पर जबरन कब्जा कर रहने, फर्म पर कब्जा करने व उसे वसीयत करने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए भदोही के गोपीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में विजय मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सह अभियुक्त पत्नी एमएलसी रामलली मिश्रा को कोर्ट ने राहत देते हुए उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली है, लेकिन कोर्ट ने बेटे को राहत नहीं दी है और उसपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।



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