मेडिकल स्टोर संचालक हो जाएं सावधान, ये दस्तावेज नहीं होने पर जाना पड़ेगा जेल

ग्रेटर नोएडा। कुलेसरा में ड्रग्स विभाग के अधिकारियों ने अवैध रूप से चल रहे मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर अस्सी हजार रुपये से ज्यादा मूल्य की दवाओं को जब्त किया है। साथ ही दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल स्टोर का संचालन बिना लाइसेंस के ही किया जा रहा था। दो संदिग्ध दवाई के नमूने भरने की कार्रवाई करते हुए बाकी बची सभी दवाई को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं के जांच रिपोर्ट आने पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत मुकदमा दायर किया जाएगा। दरअसल, मेडिकल स्टोर संचालन के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। अगर किसी के पास यह नहीं होता तो उसे जेल तक जाना पड़ सकता है।

ड्रग्स विभाग के इंसपेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि गाँव कुलेसरा में ड्रग्स विभाग के अधिकारियों ने पुलिस विभाग के साथ मिल कर मेडिकल स्टोर के लाइसेंस की जांच हेतु छापामार कार्रवाई की गई। छापे के दौरान शिव मेडिकल स्टोर से व प्रकाश मेडिकोज से दो-दो संदिग्ध औषधि के नमूने संग्रहीत किए गए हैं। प्रकाश मेडिकल स्टोर ने औषधि लाइसेंस का नवीनीकरण मौके पर प्रस्तुत नहीं किया। टीम ने मेडिकल स्टोर का संचालन रोकते हुए लगभग अस्सी हजार रुपये की औषधियों को जब्त कर तीन औषधि के नमूने संग्रहीत किए। टीम की कार्रवाई को देखकर आस-पास के मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकान बंद कर दी। औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

ड्रग्स इंसपेक्टर ने बताया कि दो संदिग्ध दवाई के नमूने जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर, औषधि एव प्रसाधन अधिनियम 1940 की धारा 18 /27 के अंतर्गत जांचोपरांत सक्षम न्यायलय में मुकदमा दायर किया जाएगा। दवाओं के जांच रिपोर्ट आने पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत वाद दायर किया जाएगा जिसमें दस लाख रुपए का जुर्माना और उम्र कैद की सजा का प्रावधान है।



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