पीएम स्वनिधि योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी, लाभार्थियों को आज लोन बांटेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

लखनऊ. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा लगभग 3.62 लाख ऋण आवेदन स्वीकृत किए हैं। इन रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ऑनलाइन कार्यक्रम में ऋण बांटेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश में इतने ऋण आवेदन पास किए जाने पर खुशी जाहिर की है। सीएम योगी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पटरी दुकानदारों के विकास के लिए संकल्पित हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना चलाई जा रही है। यूपी इस योजना को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है और प्रदेश सरकार इस योजना को प्राथमिकता देते हुए संचालित कर रही है। प्रदेश में अब तक इस योजना के अंतर्गत 7 लाख से अधिक वेंडरों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें से 6.40 लाख आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। इसी तरह 3.62 लाख आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। यह संख्या देश में सबसे बड़ी है।

दिया जा रहा 10 हजार रुपये कर्ज

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पूरी तरह सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित है। आवेदक अपना आवेदन पत्र खुद अपलोड कर सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर, नगर निकाय कार्यालय या किसी बैंक की शाखा में जाकर भी आवेदन पत्र को अपलोड किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी को 10 हजार रुपये की पूंजी बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराई जाती है। लाभार्थी लोन का भुगतान साल भर में या अपनी सुविधानुसार उससे पहले भी कर सकता है।

एक जून से शुरू हुई थी योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वनिधि योजना की शुरुआत एक जून को की थी। स्ट्रीट वेंडरों को नए सिरे से काम शुरू कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लोन दिए जाने का प्रावधान किया गया। योजना को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना में पात्र को कर्ज की वापसी एक साल के अंदर करनी है। बैंक ब्याज दर के अनुसार लाभार्थी को सात फीसदी ब्याज देना होगा। बाकी ब्याज सरकार देगी। कर्ज अदायगी समय से करने वाले दुकानदार दोबारा भी लोन ले सकेगा।

ये होंगे पात्र

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में सैलून संचालक, जूता बनाने वाले, पान की दूकान वाले, कपड़े धोने वाले, सब्जियां और फल बेचने वाले, स्ट्रीट फूड, चाय का ठेला लगाने वाले, ब्रेड, पकौड़े और अंडे बेचने वाले, फेरीवाले, किताबें बेचने वाले और कारीगरों को शामिल किया गया है। वह प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ उठा सकते हैं।



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