दशहरे पर अयोध्या में रावण का दहन करे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रामलीला आयोजकों ने भेजा पत्र

अयोध्या : राम नगरी अयोध्या के पर्यटन सहित चौमुखी विकास, सांस्कृतिक,आध्यात्मिक संदेश और सशक्त सामाजिक संरचना का आधार लिए टीवी और फिल्मी कलाकारों की प्रस्तुति से सजी नौ दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन गणेश वंदना के साथ ही प्रदेश के संस्कृत मंत्री नीलकंठ तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ कराया और फिर देखते ही देखते फिल्मी कलाकारों ने एक के बाद एक धार्मिक प्रस्तुति करके सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों की धारा बहा दी। समूचे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन नेशनल और डीडी भारती पर किया जा रहा था, वैश्विक महामारी कोरोना के प्रोटोकाल के तहत कार्यक्रम स्थल पर आम जनमानस का प्रवेश नही रहा। अयोध्या के रामलीला का प्रसारण शाम 7:00 बजे से शुरू हुआ पहले दिन आसमान से प्रकट होते भगवान गणेश उनकी वंदना, शिव पार्वती का तप करते नारद मुनि डोला स्वर्ग लोक का सिंहासन, की लीला दिखाई गई। इस कथन के पहले रामलीला के मंच पर श्री राम के जीवन चरित्र से जुड़े स्थलों से लाएगी मित्रों से बनाई गई भगवान की प्रतिमा का विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया गया।

रामलीला के संरक्षक साहिब प्रवेश ने बताया कि रामलीला में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 25 अक्टूबर दशहरे के दिन रावण दहन के लिए आमंत्रित किया गया है। वही बताया कि इस रामलीला में अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तुति में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम नेपाल राज्य के जनकपुर से आए वस्त्रों से सुशोभित है,तो माता सीता अयोध्या में बने आभूषणों से सजी दिख रही है, इसी प्रकार से रामायण के प्रसंगों से जुड़े स्थलों से कहीं से मिट्टी, तो कहीं से तीर धनुष और अन्य वस्तुएं मंगाई गई है, जिनका सजीव प्रसारण में उपयोग किया जा रहा है। आयोजक और रामलीला की प्रस्तुति से जुड़े कलाकार इस बात को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं, कि वे भगवान राम की जन्मस्थली पर उनकी लीलाओं का मंचन करने आए हैं और वह उस समय जब उनके जन्म स्थल पर भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो चुका है।



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