Navratri 2020 : 58 वर्ष बाद इस नवरात्र आया दुर्लभ योग, मां के पूजन से बन जाएंगे बिगड़े काम

सुलतानपुर. नवरात्रि (Navratri 2020) की शुरुआत इस बार 17 अक्तूबर से हो रही है। ऐसे में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जायेगी। आइये जानते हैं आचार्य डॉ. शिवबहादुर तिवारी से मां के नौ स्वरूप- मां शैलपुत्री (Shailputri), ब्रह्मचारिणी (Brahmacharini), चंद्रघंटा (Chandraghanta), कुष्मांडा (Kushmanda), स्कंदमाता (Skandamata), कात्यायनी (Katyayani), कालरात्रि (Kalratri), महागौरी (Mahagauri) और सिद्धिदात्री (Siddhidatri) को पूजने की सही विधि, सामग्री और राशि के अनुसार मंत्र्त्रोचार समेत अन्य सभी जानकारियां।

आचार्य डॉ शिवबहादुर तिवारी के अनुसार इस बार नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक है। पण्डित ने बताया कि इस बार की नवरात्रि पूरे नौ दिन की होगी। उन्होंने बताया कि आम तौर पर नवरात्र कभी यह सात तो कभी आठ दिन में समाप्त हो जाती है, लेकिन इस साल पूरे 9 दिन का नवरात्र व्रत होगा।

मां के स्वरूप का पूजन

शैलपुत्री पूजा घटस्थापना : 17 अक्टूबर
मां ब्रह्मचारिणी पूजा : 18 अक्टूबर
मां चंद्रघंटा पूजा : 19 अक्टूबर
मां कुष्मांडा पूजा : 20 अक्टूबर
मां स्कंदमाता पूजा : 21 अक्टूबर
मां कात्यायनी पूजा : 22 अक्टूबर
मां कालरात्रि पूजा : 23 अक्टूबर
मां महागौरी दुर्गा पूजा : 24 अक्टूबर
मां सिद्धिदात्री पूजा : 25 अक्टूबर

58 वर्षों बाद बन रहा ऐसा दुर्लभ योग
माता दुर्गा की आराधना 17 से 25 अक्टूबर तक श्रद्धा एवं भक्तिभाव से की जायेगी। 58 वर्ष बाद यह दुर्लभ योग बन रहा है। आचार्य श्री तिवारी ने बताया कि वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र पूरे 9 दिन का है और यह दुर्लभ संयोग 58 वर्ष के बाद है जब शनि पूरी तरह मकर राशि में होंगे और वृहस्पति धनु राशि में रहेंगे। इससे पहले यह दुर्लभ योग 29 सितंबर 1962 में बना था, जब नवरात्र व्रत शुरू हुआ था।

शनिवार को होगी पूजा की शुरुआत
आचार्य डॉ. शिव बहादुर तिवारी ने बताया कि 17 अक्टूबर से मां दुर्गा की नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि शुरू हो जायेगी। इस दिन सूर्य का राशि परिवर्तन भी होना है। विशेषज्ञों की मानें तो इस दिन सूर्य तुला में प्रवेश करेंगे। इस राशि से पहले वक्री बुध भी रहेगा। जिस कारण बुध और आदित्य का योग बनेगा।



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