Online Fraud बैंक अकाउंट फ्राॅड हुआ तो ऐसे वापस पाएं अपने रुपये, ये हैं नियम

लखनऊ. अचानक आपके मोबाइल पर एक एसएमएस आता है और पता चलता है कि आपके बैंक अकाउंट से बड़ी रकम निकल गई, या फिर आप बैंक खाते से रुपये निकालने जाएं और आपको पता चले कि आपके खाते से तो पहले ही गलत तरीके से रकम निकाली जा चुकी है। डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में इस तरह के साइबर क्राइम तेजी से बढ़े हैं। ऑनलाइन फ्राॅड और साइबर ठगी करने वाले डिटेल हासिल कर बैंक अकाउंट में सेंध लगाकर बड़ी रकम पर हाथ साफ कर देते हैं। अगर आपके या आपके किसी जानने वाले के साथ भी ऐसी कोई घटना हुई हो तो ऐसा मानकर न बैठें कि रुपये डूब गए। फ्राॅड किये गए आपके रुपये वापस मिल सकते हैं। बस कुछ नियमों का पालन करना होगा।

 

हाईटेक हो चुके सिस्टम में सबसे जरूरी है कि आप भी इसके साथ चलें और सावधानियां बरतें। बैंक अकाउंट से संबंधित आरबीआई और बैंकों की गाइडलाइन्स व सावधानियों का हर हाल में पालन करें। इनका पालन करने से साइबर ठगी या बैंक खाते से गैर कानूनी रूप से रुपये निकाल लेने जैसे फ्राॅड से बचा जा सकता है। इन सबके बाद भी अगर आप साइबर अपराधियों, ऑनलाइन ठगों या हैकर्स का शिकार बन गए हैं तो नुकसान होने पर आपकी भरपाई भी हो सकती है, लेकिन इसके लिये सही समय पर सही कदम उठाना बहुत जरूरी है।

 

इसका तरीका भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया है। रिजर्व बैंक के मुताबिक अनधिकृत लेनदेन होने के बाद भी आपका पूरा पैसा वापस मिल सकता है, लेकिन उसके लिये सतर्क रहना जरूरी है। आरबीआई कहता है कि ऐसे किसी भी ट्रांसजेक्शन की तत्काल जानकारी देकर नुकसान से बचा जा सकता है।

 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ट्वीट (RBI Tweet) किया है कि..

"यदि अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन से आपका नुक़सान हुआ हो, तो आपकी देयता सीमित हो सकती है, बल्कि शून्य भी हो सकती है, अगर आप अपने बैंक को तुरन्त सूचित करते हैं।"

 

यानि अगर आपके बैंक खाते से गैर कानूनी तरीके से पैसा निकाला गया है या ट्रांजेक्शन हुआ है तो उसकी सूचना तुरंत अपने बैंक में कर देने से आपके पैसे वापस मिल सकते हैं। मतलब देर करने में नुकसन है।

ऐसे वापस मिल सकते हैं पूरे पैसे

आपके खाते से कोई गैर कानूनी ट्रांजेक्शन हुआ है, गलत तरीके से अकाउंट से रकम निकाली गई है तो अपने बैंक को तीन दिन के अंदर इसके बारे में सूचित कर शिकायत करें। ऐसा करने से नुकसान से बच सकते हैं। आरबीआई के मुताबिक निर्धारित समय में बैंक को सूचना दे देने पर ग्राहक के खाते से फ्राॅड कर निकाली गई रकम 10 दिन में बैंक खाते में वापस आ सकती है। हालांकि आरबीआई के मुताबिक 4 से 7 दिन बाद रिपोर्ट करने पर ग्राहक को 25 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ऐसे बचें फ्राॅड से

  • किसी से भी अपना एटीएम कार्ड या क्रेडिट कार्ड आदि का पिन न शेयर करें
  • किसी संदिग्ध वेबसाइट पर अपना बैंकिंग डिटेल डालने से बचें
  • KYC या किसी और बहाने से डिटेल मांगे जाने पर न दें
  • लिंक भेजकर या RBI का कर्मचारी बताकर जानकारी मांगने पर न दें
  • लाॅटरी और बड़े ईनाम के लालच वाले मेल और मैसेज को इग्नोर करें
  • मोबाइल या ईमेल में महत्वपूर्ण बैंकिंग डाटा स्टोर न करें
  • ऑनलाइन बैंकिंग केवल वेरिफाइड और ट्रस्टेड वेबसाइटों पर ही करें
  • सार्वजनिक और निशुल्क नेटवर्कों के जरिये बैंकिंग से बचें


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