Unlock होने के साथ ही तेजी से बढ़ रहा प्रदूषण, घातक स्तर पर पहुंच AQI

मेरठ। लॉकडाउन के बाद से अनलाक हुए जिले में अब वायु प्रदूषण भी घातक स्तर की ओर पहुंच रहा है। शनिवार की शाम पांच बजे महानगर में कई स्थानों पर धुंध की चादर छा गई। जिले की वायु गुणवत्ता लगातार बदतर होती जा रही है। इससे मेरठवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। शनिवार की शाम शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 280 था, जो शुक्रवार की शाम को 170 दर्ज किया गया था। एक्यूआई का बढना काफी घातक है खासकर स्वास्थ्य के लिहाज से। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, शहर में कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक बीते शनिवार को दिन में 260 से 280 के बीच रहा था। वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र ने शनिवार की शाम मेरठ का एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया।

मेरठ का शास्त्रीनगर सर्वाधिक प्रदूषित इलाका रहा। जहां एक्यूआई 280 दर्ज किया गया। इसके बाद 270 एक्यूआई के साथ गंगानगर दूसरे नंबर पर रहा। एक्यूआई जब 0-50 होता है तो इसे ‘अच्छी’ श्रेणी का माना जाता है। 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘अत्यंत खराब’, 401-500 को ‘गंभीर’ और 500 से ऊपर एक्यूआई को ‘बेहद गंभीर और आपात’ श्रेणी का माना जाता है।

बता दें कि अगर यहीं हालात रहे तो जिले में आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर काफी खराब श्रेणी में पहुंच सकता है। मेरठ में अनलाक के बाद प्रदूषण 50 प्रतिशत बढ़ा है जो इस मौसम में सर्वाधिक है। शनिवार को शहर में छाई धुंध की चादर के लिए यह प्रदूषण पूरी तरह जिम्मेदार हो सकता है। शनिवार को अत्यंत शांत सतही हवाओं ने समस्या को और बढ़ा दिया। यानि हवा नहीं चलने से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ गया।

रविवार को हवा की गति में वृद्धि से वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार होने की संभावना जताई है, क्योंकि इससे प्रदूषक कणों को तेजी से उड़ा ले जाने में मदद मिलेगी।



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