यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2020 : ग्राम प्रधानों के सामने भारी टेंशन, कैसे करें ये काम जिससे न हो नुकसान

मेरठ. यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2020 की हलचल से सभी उम्मीदवार तैयारियों में व्यस्त है। यूपी सरकार भी मुस्तैद है, पंचायत चुनाव सफलतापूर्वक कराना चाहती है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को खत्म हो रहा है। इस खत्म हो रहे कार्यकाल में ग्राम पंचायतों का सभी लेखा जोखा दुरस्त कर फाइनल रिपोर्ट लगा कर विभाग को भेज रही है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल में सिर्फ सवा महीने के करीब बाकी है। ग्राम पंचायतों में अभी भी विकास कार्यों के खर्च करने के करीब 34 प्रतिशत धनराशि बाकी है। अब अगर ग्राम प्रधान पंचायत चुनाव 2020 से पूर्व यह कार्य पूरा नहीं करेंगे तो गांव पंचायत का भारी नुकसान हो जाएगा।

40 प्रतिशत तक धनराशि शेष :- जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में मेरठ जिले की 479 ग्राम पंचायतों में आवंटित की गई धनराशि में लगभग 66 प्रतिशत धनराशि खर्च हो गई है। अभी भी पंचायतों में लगभग 34 से 40 प्रतिशत तक धनराशि शेष है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पूर्व ही शेष बची आवंटित धनराशि से पंचायतों में कार्य कराने हैं।

अवशेष खर्च करना है :- सिन्हा ने बताया कि शासन ने वर्ष 2020 में 53 करोड़ रुपये धनराशि पंचायतों को भेजी थी। प्रधानों ने करीब 34.98 करोड़ रुपये धनराशि खर्च कर दी है। उसके बाद भी ग्राम पंचायतों के खातों में लगभग 18.02 करोड़ रुपये अवशेष बचे हैं। इस धनराशि को भी पंचायतों में कार्य कर व्यय किया जाना है।

टेंशन में पंचायत सचिव :- कोविड काल में हुई खरीद की जांच से ग्राम पंचायतों में हलचल बढ़ी है। अधिक मूल्य पर उक्त उपकरण खरीदने वाले पंचायत सचिव टेंशन से गुजर रहे हैं। डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि शासन से मांगी गई सूचना तैयार कर भेजी जा रही है।



Advertisement