कभी मुख्तार अंसारी से 4000 वोटों से हारे थे भीम राजभर, मायावती ने बनाया प्रदेश अध्यक्ष

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

वाराणसी/मऊ. उपचुनावों में बेहद खराब प्रदर्शन और आने वाले 2022 के यूपी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने मऊ के भीम राजभर को प्रदेश अध्यक्ष की कमान दी है। मायावती ने ट्वीट कर भीम राजभर को पार्टी का सच्चा सिपाही बताया है। वो काफी समय से बसपा से जुड़े रहे हैं और उन्होंने विधानसभा चुनाव भी लड़ा है। 2012 में भीम राजभर ने बसपा के टिकट पर मऊ सदर से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसमें वो करीब 4 हजार वोटों से हारे थे।

 

भीम राजभर मऊ जिले की घोसी विधानसभा क्षेत्र के मोहम्मदपुर बाबूपुर गांव के रहने वाले हैं। सामान्य परिवार में जन्मे भीम राजभर आेबीसी मूवमेंट से जुड़े और दलित राजनीति के साथ आगे बढ़े। वह बहुजन समाज पार्टी से काफी समय से जुड़े हैं और कई पदों पर रहने के साथ ही विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। 2002 में उन्हें बहुजन समाज पार्टी ने मऊ का जिलाध्यक्ष बनाया। इसके बाद 2012 में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ उन्हें बसपा ने मऊ सदर सीट से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने मुख्तार अंसारी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन करीब चार हजार वोटों से हार गए।

हालांकि इसके बाद बसपा ने उन्हें कई पदों से नवाजा। वो विभिन्न प्रदेशों के प्रभारी बनाए गए। अब बसपा सुप्रीमो ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्हें नई जिम्मेदारी देने के बाद मायावती ने ट्वीट कर भीम राजभर को यूपी में अति-पिछड़े वर्ग (ओबीसी) में राजभर समाज के पार्टी व मूवमेन्ट से जुड़े पुराने, कर्मठ एवं अनुशासित सिपाही बताया है।

 

उधर बसपा सुप्रीमो के इस नए फैसले के बाद बसपा की स्थानीय इकाई में भी खुशी का माहौल है। मऊ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार राजू ने भीम राजभर को जमीन से जुड़ा कार्यकर्ता और नेता बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कार्यकर्ताओं में दोगुना उत्साह है। आने वाले 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी पूरी मजबूती और दमखम के साथ प्रदेश में चुनाव लड़ेगी।



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