अयोध्या में राममंदिर ही नहीं आस-पास का 70 एकड़ का कैंपस भी होगा भव्य

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने राममंदिर के आसपास 70 एकड़ के परिसर को विकसित करने के लिए आम जनता के सुझाव और विचार मांगे हैं। मंदिर का डिजाइन मुख्य संरचना विशेषज्ञ सलाहकारों द्वारा ही की गई है, लेकिन मंदिर के आसपास की सुविधाओं के लिए तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट जनता की भी भागीदारी चाहता है। मंदिर निर्माण को लेकर हाल में हुई तीन दिवसीय ट्रस्ट समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार ऐसे लोग जो पुष्करणी, यज्ञ मंडपम, अनुष्ठान मंडपम, कल्याण मंडपम जैसी सुविधाओं और रामजन्मोत्सव, हनुमान जयंती, रामचरित, सीता विवाह जैसे अनुष्ठानों के उत्सव के लिए मंदिर के साथ जुडऩा चाहते हैं, वो स्वैच्छिक आधार पर सुझाव और डिजाइन दे सकते हैं।

बनेगा गुरुकुल

51 छात्रों और उनके आचार्यों के लिए आवासीय सुविधाओं वाला एक गुरुकुल भी बनेगा। ट्रस्ट के विज्ञापन में कहा है कि यह डिज़ाइन वास्तु या स्थापत्य वेद पर आधारित होनी चाहिए। ट्रस्ट ने कैंपस में 51 छात्रों और उनके आचार्यों के लिए आवासीय सुविधाओं के साथ एक गुरुकुल के डिजाइन पर भी सुझाव मांगे हैं। इसके अलावा ट्रस्ट ने नल नील टीला, सीता की रसोई, कुबेर टीला और अंगद टीला जैसी मौजूदा ऐतिहासिक जगहों को मुख्य संरचना से जोडऩे के लिए भी डिजाइन की मांग की है। ट्रस्ट ने मंदिर परिसर और खास सुविधाओं वाले कैंपस के लिए भी डिजाइन मांगी है, जहां प्रतिदिन 1 लाख और खास दिनों में 5 लाख श्रद्धालु आएंगे।

राम की डिजिटल लाइब्रेरी

ट्रस्ट ने श्री राम डिजिटल लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर के साथ-साथ मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म, वर्चुअल रियलिटी, संवर्धित वास्तविकता दिखाने वाले म्यूजियम के डिजाइन पर भी सुझाव देने को कहा है। ट्रस्ट के मुताबिक, म्यूजियम ऐसे होने चाहिए जिसमें राम की पूरी यात्रा के कार्यक्रम के साथ रामायण के सार को भी प्रदर्शित किया जा सके। इसके लिए 1,000 से 5,000 व्यक्तियों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम और कन्वेंशन सेंटर होने चाहिए।

बनेगा मिनी थिएटर

इसके अतिरिक्त मिनी थिएटर के लिए डिजाइन की मांग की गई है, जिसमें रामकथा के दृश्य और अयोध्या के आस-पास के तीर्थ स्थलों के दृश्य भी दिखाए जा सकें। ट्रस्ट ने मान्यता प्राप्त वीआईपी और पुजारियों के लिए एक गौशाला और आवास बनाने की भी योजना बनाई है। ट्रस्ट ने 20 अगस्त को कहा था कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण "शुरू" हो गया है और इंजीनियर अब साइट पर मिट्टी का परीक्षण कर रहे हैं। ट्रस्ट के अनुसार, राम जन्मभूमि मंदिर देश की प्राचीन और पारंपरिक निर्माण तकनीक से बनेगा। यह भूकंप, तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को झेलने का क्षमता रखेगा।



Advertisement