सरकारी डॉक्टर का डिग्री कॉलेज, धोखाधड़ी में जेल जाने के बाद हुआ खुलासा

कानपुर. कानपुर के पुलिस लाइन में तैनात डॉक्टर उन्नाव में डिग्री कॉलेज चला रहा था। जो धोखाधड़ी के आरोप में जेल में निरुद्ध है। जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कानपुर के पुलिस लाइन में तैनात डॉक्टर विगत 19 अक्टूबर से अनुपस्थित चल रहे हैं। जानकारी करने पर पता चला कि छात्रों से धोखाधड़ी करने के आरोप में जेल में बंद है। इस विषय में शासन को पत्र भेजा जा रहा है।

 

बीघापुर के इंद्रपाल खेड़ा में चला रहा था डिग्री कॉलेज

कानपुर के जिला जेल कि कोविड-19 हॉस्पिटल में तैनात डॉ सुरेंद्र कुमार सिंह उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र के इंद्रपाल खेड़ा महाई में सरदार पटेल वंश गोपाल सनातन धर्म डिग्री कॉलेज चला रहे थे। छात्रों ने विद्यालय प्रबंधक डॉ सुरेंद्र कुमार सिंह और प्राचार्य के खिलाफ बीघापुर थाने में अभियोग पंजीकृत कराया था। छात्रों ने बताया कि 2005 में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से 360 छात्रों के लिए अनुमति मिली थी। लेकिन विद्यालय प्रबंधन व प्राचार्य ने 800 छात्रों का एडमिशन ले लिया। विद्यालय प्रबंधन की धोखा घड़ी के खिलाफ छात्रों ने बीघापुर थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया था। इस संबंध में विगत 9 नवंबर को कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया गया।

स्वास्थ्य विभाग में अच्छी पैठ

डॉ सुरेंद्र कुमार सिंह स्वास्थ्य विभाग में अच्छी पैठ थी। यही कारण है कि सरकारी डॉक्टर होने के बाद भी डिग्री कॉलेज चला रहे थे। मामला खुलने के बाद उनके खिलाफ कई आरोप सामने आ रहे हैं। बताया जाता है विगत 1 साल से उन्होंने ओपीडी नहीं की। 10 दिन में 1 दिन आते हैं और रजिस्टर्ड पर हाजरी लगाकर निकल जाते थे । डॉक्टर के जेल जाने के बाद कानपुर पुलिस लाइन आर आई ने घटना के संबंध में एसएसपी को जानकारी दी। दूसरी तरफ जेल अधीक्षक ने इस संबंध में डीएम और सीएमओ को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम के विषय में बताया। इस संबंध में बातचीत करने पर सीएमओ डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि डॉ सुरेंद्र सिंह के जेल में होने की जानकारी मिली है। सरकारी नौकरी के साथ डिग्री कॉलेज चलाने के संबंध में जानकारी इकट्ठा कर की जा रही है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।



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