सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिक्षामित्रों पर पहाड़ बन टूटा, संगठन ने शिक्षामित्रों से की अपील

उन्नाव. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। जिससे हमारे बहुत साथी आहत होंगे। लेकिन साथियों परेशान होने की जरूरत नहीं है। शिक्षामित्र का जन्म ही संघर्षों में हुआ है और सफलता भी संघर्षों से ही मिलेगी। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के सुधाकर तिवारी ने अपने विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका से न्याय न मिलने के कारण किसी भी प्रकार का गलत कदम ना उठाएं। सकारात्मक सोच रखें अपने को मजबूत करें। क्योंकि नौकरी के साथ-साथ परिवार भी आपके जीवन का अहम हिस्सा है। साथियों अभी बहुत कुछ खत्म नहीं हुआ है। संगठन आपकी लड़ाई हर तरीके से लड़ने के लिए कटिबद्ध है, प्रतिबद्ध है। बस जरूरत है आप को मजबूत होने की।

दुनिया सिर्फ नौकरी के छो१ पर नहीं समाप्त होती

एक अन्य शिक्षा मित्र रमेश द्विवेदी ने लिखा है कि ईश्वर एक बार पुनः इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। सभी शिक्षामित्र भाइयों, बहनों से हाथ जोड़कर आग्रह हैं कि दुनियां सिर्फ नौकरी के छोर पर ही जाकर समाप्त नही होती है। लेकिन यह जरूर है कि इतनी आसानी से कही जाने वाली बात दिल और दिमाग से भी यू ही नही निकल पाती है। उन्होंने कहा कि आपको अपने अतिरिक्त अपने बच्चो, पत्नी ओर बूढ़े माँ-बाप के बारे मे भी सोचना है। जो सिर्फ आप पर ही आश्रित है। अतः निराशा में कोई गलत सोच या कदम नहीं उठाना है। जैसा ईश्वर और किस्मत का आदेश है। उसे स्वीकार कर आगे बढिए। उन्होंने हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि कोई भी शिक्षा मित्र भाई-बहन निराशा में कोई गलत कदम ना उठाये। आपके बच्चे सिर्फ आपके ऊपर ही आश्रित है और उन्हे आपकी छत्रछाया की बहुत जरूरत है। आप रहेंगे तो उन्हें पाल लेंगे। इसलिये धैर्य रखिये समय बदलेगा, समय एक जैसा नहीं रहता है। सभी लोग नौकरीं ही नहीं करते है। आप भी मानिए हम नौकरीं नहीं करते है। आपलोग धैर्य रखिये। ईश्वर बहुत कारसाज हैं। आपका भी दिन जरूर बहुरेगा।

 



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