कानपुर बिकरू कांड - पुलिस के साथ प्राशासनिक अधिकारी व कर्मियों की भूमिका

कानपुर. राष्ट्रीय पटल पर चर्चा का विषय बना कानपुर का बिकरू कांड में एसआईटी ने लगभग 32 सौ पन्ने की जांच रिपोर्ट शासन को दी है। पुलिस में दोषी पाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त 36 अन्य संस्तुति का भी उल्लेख किया गया है। कानपुर के विकरू गांव में एसआईटी की जांच में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि विकास दुबे की काली कमाई और अपराध की दुनिया को बढ़ाने में अधिकारी गणों का सहयोग है।

SIT की जांच में

गौरतलब है अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था। जिसमें विकास दुबे के पक्ष में पुलिस के अंदर से मुखबिरी किए जाने की पोल खुली है। एसआईटी ने 80 अधिकारी व कर्मचारियों को जांच में दोषी पाया है। जिसमें पुलिस अधिकारी के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल है। अपर मुख्य सचिव गृह विभाग अवनीश अवस्थी के अनुसार जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है।

क्या है बिकरू कांड

विगत 2 जुलाई की रात को कानपुर के विकास दुबे और उसके सहयोगियों ने क्षेत्राधिकारी सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। विगत 10 जुलाई को विकास दुबे का एनकाउंटर कर दिया गया था। जिसके बाद एसआईटी का गठन किया गया। संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में गठित की गई एसआईटी की टीम ने शासन को रिपोर्ट दी है।

 



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