सरकारी स्कूलों के बच्चों को हाईटेक बनाने की एक और कवायद, अब पुस्तकालय में बैठकर कर सकेंगे पढ़ाई

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर-परिषदीय स्कूलों को हाईटेक बनाने के लिए सरकार अनवरत प्रयासरत है। मॉडल स्कूलों के बाद अब सरकार के परिषदीय एवं उच्च परिषदीय स्कूलों के बच्चे विश्वविद्यालय, डिग्री कालेज और तकनीकी शिक्षण संस्थानों की तरह लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। इन पुस्तकालयों में परिषदीय के बच्चों को इतिहास, विज्ञान सहित अन्य विषयों की कहानी की तरह पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक दिन एक पीरियड पुस्तकालय के लिए शामिल किया जाएगा। सरकार परिषदीय विद्यालय के बच्चों को निजी विद्यालयों के बच्चों की तरह सहूलियत देे रही है। सरकार की मंशा है कि इस तरह से परिषदीय स्कूल के बच्चे निजी स्कूलों की तरह में लगाकर पढ़ाई करें ताकि किसी भी प्रतियोगिता में उनसे पीछे न रहें। इससे सरकारी स्कूल के बच्चों का सुनहरा भविष्य बन सके। इसलिए विभाग को भी स्पष्ट रूप से निर्देश देे दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि स्कूल खुलने के बाद सभी स्कूलों में यह नजारा आसानी से देखा जा सकेगा। शिक्षकों ने स्कूल के रोजाना के कार्यों में पुस्तकालय के काम को शामिल करके इसे तैयार कर दिया है। वहीं इस सत्र के लिए विभाग से करीब छह लाख रुपये भी देने के लिए कहा गया है। इस राशि से जिले के 2000 से अधिक परिषदीय व उच्च परिषदीय विद्यालयों में इतिहास, विज्ञान समेत कई अन्य विषयों की कहानी आधारित पुस्तकें मुहैया कराई जाएंगी।

बीएसए डॉ.पवन तिवारी ने बताया कि, पुस्तकालय की देखरेख विद्यालय के शिक्षक करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के आला अफसरों ने बताया कि स्कूल अन्य पीरियड की तरह बच्चों के लिए रोजाना एक पीरियड निर्धारित होगा, जिसमें वह पुस्तकालय में बैठकर पढ़ाई करेंगे। पिछले सत्रों में परिषदीय विद्यालयों के लिए तीन और उच्च परिषदीय विद्यालयों के लिए पांच हजार रुपये दिए जाते थे। हालांकि इस सत्र में कुल छह लाख रुपये बतौर बजट आवंटित हुआ है।



Advertisement