चार पीढ़ियों से परिवार कर रहा था पटाखे बनाने का काम, बारूद ने ही ले ली जान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। थाना फलावदा के गांव रसूलपुर में निसार के घर पर विस्फोट पटाखों में आग लगने के कारण हुआ है। ऐसा प्रथम जांच में पाया गया है। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद सामने आई बात में पता चला कि पाबंदी के बाद भी उसने पटाखे बनाने का पेशा नहीं छोड़ा था। मंगलवार रात घर में हुए भीषण विस्फोट में निसार और उसके बेटे की जान चली गई। मृतक का परिवार चार पीढ़ियों से पटाखे बनाने का काम करता रहा था। एक साल पहले भी 2019 में दीपावली से पहले फलावदा पुलिस ने मृतक निसार के घर से अवैध पटाखों का जखीरा बरामद किया था। निसार और उसके भाई एजाज पर फलावदा थाने में पुलिस ने एफआइआर भी दर्ज की थी। इस बार भी पटाखों पर प्रतिबंध था। पुलिस शायद निसार के घर की जांच पड़ताल करती तो शायद यह विस्फोट न होता। और न ही पिता पुत्र की जान जाती।

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2019 में दीपावली के मौके पर पूरे जिले में पुलिस, मजिस्ट्रेट और फायर विभाग की टीमों ने अवैध पटाखों को लेकर अभियान चलाया था। जिसमें एक दिन में ही पुलिस ने 54 लाख रुपए के पटाखे बरामद किए थे। उसमें कोतवाली, रोहटा, भावनपुर, मवाना के सठला गांव के अलावा फलावदा के रसूलपुर गांव में भारी संख्या में अवैध पटाखे बरामद किए गए थे।

पटाखे कहीं और नहीं बल्कि निसार के घर में ही मिले थे। जिसमें निसार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। निसार के दादा भी पटाखे बनाते थे। उसके बाद निसार के पिता मोहम्मद नफीस व चाचा अब्दुल का पेशा भी पटाखे बनाने का ही रहा। निसार के चाचा अब्दुल के नाम पर पटाखे बनाने का लाइसेंस था।

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पुलिस की पूरी जांच अब पटाखे से हुए विस्फोट पर केंद्रित हो गई है। हालांकि थाना पुलिस पटाखों से विस्फोट की बात से इंकार कर रही है। लेकिन मौके पर ग्रामीणों से हुई बात और घटना पर मिले सबूत तो यहीं कहानी कह रहे हैं। एसपी देहात अविनाश पांडे ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। पटाखे से धमाके के बारे में भी जानकारी की बात सामने आई है। इस ओर भी पुलिस की जांच जारी है।



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