कपिल सिब्बल ने दी सफाई, ‘मैं गाँधी परिवार के खिलाफ नहीं, मैं सिर्फ…’

आज से ठीक दो महीने पहले कांग्रेस के करीब 23 नेताओं ने पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी को लेकर कांग्रेस में भूचाल मच गया. तब उम्मीद जताई गई थी कि शायद पार्टी नेतृत्व को लेकर कोई फैसला होगा. लेकिन कुछ नहीं हुआ. इस बीच बिहार विधानसभा का चुनाव हुआ और कांग्रेस के शर्मनाक प्रदर्शन की वजह से महागठबंधन सत्ता में आने से वंचित रह गया. इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी को आत्मचिंतन की सलाह दी जिसके बाद एक बार फिर पार्टी की अंदरूनी कलह सबके सामने आ गई है.

पार्टी को आत्मचिंतन की सलाह देने के बाद कपिल सिब्बल अपनी ही पार्टी में घिर गए. अधीर रंजन चौधरी ने तो उन्हें पार्टी से निकल जाने की सलाह दे दी. अब कपिल सिब्बल ने इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू में अपना पक्ष रखा है. इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा कि डेढ़ साल पहले ही राहुल गाँधी ने कांग्रेस अध्यक्ष बनने से मना कर दिया था. साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि गाँधी परिवार का कोई भी सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनेगा. लेकिन उसके बाद से डेढ़ साल तक पार्टी बिना अध्यक्ष के ही अंतरिम अध्यक्ष के सहारे चल रही है. उन्होंने कहा कि ‘हमारा कोई अध्यक्ष नहीं है. कार्यकर्ता अपनी समस्या के कर कहाँ जाएँ?’

उन्होंने कहा कि ‘सिर्फ एक चिट्ठी नहीं लिखी गई बल्कि 3 चिट्ठियां लिखी गई लेकिन फिर भी किसी ने हमसे बात नहीं की.’ उन्होंने अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि वो कहते हैं पार्टी फोरम पर अपनी बात रखें, लेकिन पार्टी फोरम पर बात कैसे रखूं क्योंकि CWC का सदस्य मैं नहीं रहा.’



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