चौरासी कोस यात्रा करने के दौरान मंदिर में पड़ी नवाज , इन धाराओं में मुक़दमा दर्ज

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

मथुरा। दो मुस्लिम युवकों द्वारा नंदगांव स्थित नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज अदा करते हुए के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक ओर जहां सेवायत द्वारा मुस्लिम व्यक्ति से बातचीत का वीडियो वायरल हो रहा है। वही सेवायतों का कहना है उन्हें मंदिर परिसर में मुस्लिम युवकों द्वारा नमाज पढ़ने की जानकारी नहीं थी और ना ही इसके लिए उन्होंने सेवायत से कोई इजाजत मांगी थी। रविवार देर रात इस मामले में थाना बरसाना में सेवायत गोस्वामी की तहरीर पर पुलिस ने दोनों मुस्लिम युवकों सहित 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दर्ज कराई एफआईआर में इन युवकों के विदेशी संगठनों से संबंध होने की आशंका जताते हुए विदेशी फंडिंग की जांच करने की भी मांग की गई है। सोमवार को सेवायतों ने मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर हवन-पाठ किया गया।

ब्रज की धरती पर प्रेम है...और कृष्ण तो सबके हैं

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दिल्ली निवासी फैजल खान और उनके 3 साथी मंदिर सेवायत से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। बताया गया है कि यह वीडियो 29 अक्टूबर का है। वीडियो में फैजल ब्रज और भगवान श्री कृष्ण की तारीफ करते हुए सुनाई पड़ रहा है। वीडियो में फैजल सेवायत को बता रहे हैं कि दिल्ली से आने के बाद 26 अक्टूबर से उन्होंने साइकिल से ब्रज 84 कोस की यात्रा शुरू की और सभी मंदिरों के दर्शन किए। वीडियो में वह कहते हैं कि ब्रज की धरती पर प्रेम है, उस प्रेम को यहां लोगों के चेहरे पर महसूस किया है। साथ ही कहते हैं कि कृष्ण तो सबके हैं और उनकी मोहब्बत भी सबकी है। ब्रज में जो प्रेम है वो बोलने से नहीं चेहरों से ही दिख जाता है। अपनी यात्रा को लेकर कहते दिख रहे हैं कि बहुत से लोगों ने कहा यह समय सही नहीं है तो मैंने कहा ये ही समय सही है, इस समय देश को और दुनिया को पूरे भारत के जरिए सद्भावना और मोहब्बत की वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश देने की जरूरत है। धर्म को लेकर वो कहते नजर आ रहे हैं कि धर्म यदि सत्य है तो वो जोड़ेगा। साथ ही कह रहे हैं कि ब्रज में 5 हजार साल बाद भी वो रास्ते और मिट्टी आज भी जिंदा है क्योंकि यहां मोहब्बत है। वीडियो में सेवायत उन्हें प्रसाद देते हुए भी नजर आ रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद सेवायत कान्हा गोस्वामी का कहना है कि फैजल खान को हिंदू धार्मिक ग्रंथों का काफी ज्ञान है लेकिन नंदबाबा मंदिर परिसर में फैजल और चांद ने नमाज अदा की है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।


एफआईआर में जताई विदेशी मुस्लिम संगठन से फंडिंग की आशंका


मंदिर परिसर में मुस्लिम युवकों द्वारा नमाज पढ़ने के मामले में मंदिर सेवायत की ओर से जो एफआईआर दर्ज कराई गई है उसमें आरोप लगाया गया है कि 29 अक्टूबर को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे फैजल खान और चांद मोहम्मद जो दिल्ली के खुदाई खिदमतगार संस्था के सदस्य हैं इसी संस्था के आलोक रतन और नीलेश गुप्ता के साथ आए। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मुस्लिम युवकों ने बिना अनुमति लिए और जानकारी के मंदिर प्रांगण में नमाज अदा की और नमाज पढ़ते हुए के अपने फोटो अपने साथियों से सोशल मीडिया पर वायरल कराए। इनके इस कृत्य से हिन्दू समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैंऔर आस्था को गहरी चोट पहुंची है। साथ ही एफआईआर में इनके किसी विदेशी मुस्लिम संगठन से जुड़े होने की सम्भावना भी व्यक्त की गई है। रिपोर्ट में कहा है कि ये लोग मंदिर में फोटो खींचकर कहीं दुरुपयोग ना करें और कहीं इनके लिए किसी विदेशी मुस्लिम संगठन से फंडिंग तो नहीं हो रही , इनके उस संगठन से कोई संबंध तो नहीं , कहीं यह कृत्य साम्प्रदायिक सदभाव को बिगाडने के लिए तो नहीं किया गया इसकी जांच को जाए।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

सेवायत की तहरीर पर थाना बरसाना पुलिस ने खुदाई खिदमतगार संस्था ने दिल्ली के फैजल खान, चांद मोहम्मद, आलोक रतन और नीलेश गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A, 295 और 505 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एसपी देहात श्रीश चंद ने बताया कि सेवायत कान्हा गोस्वामी की शिकायत पर नंदबाबा मंदिर परिसर में मुस्लिम युवकों द्वारा नमाज पढ़ने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।



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