यूपी में बेटों को पढ़ाया जाएगा संस्कारों का पाठ ताकि महिला सशक्तिकरण को मिले बल

लखनऊ. महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हर वर्ग के लोगों को जागरूक करने संग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश तेजी से अग्रसर है। योगी सरकार इस पूरी मुहिम को अब स्थाई रूप देने जा रही है। उत्तर प्रदेश के स्कूलों में महिला सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया जाएगा। योगी सरकार महिला सशक्तिकरण व स्वावंलबन से जुड़ी चीजों को शिक्षा के पाठ्यक्रम में जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में महिला सम्मान से जुड़े विषयों में बदलाव करने जा रही है। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

शारदीय नवरात्र से वासंतिक नवरात्र तक चलने वाले मिशन शक्ति अभियान के पहले चरण तक उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 6,349 कॉलेजों के 5,57,383 छात्र-छात्राओं को वेबिनार, जागरूकता कार्यक्रम और प्रतियोगिता के तहत जागरूक किया गया। अभियान के दूसरे चरण में योजनाओं को धरातल पर लाने का काम शुरू किया जाना है। इसमें माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है। जिसमें एक पोर्टल पर विभागों में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी और फोटो अपलोड किए जाएंगे। इसके साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रम में महिला लाभार्थियों की भागीदारी बढ़ाने और कौशल विकास विभाग महिलाओं को प्रशिक्षित करने और रोजगार से जोड़ा जाएगा।

बेटों की सोच में आएगा बदलाव

योगी सरकार का यह निर्णय समाज में नई और अच्छी सोच को बढ़ावा दे सकता है। सरकार के इस फैसले से अभिभावकों में खुशी है। समाज सेविका वर्षा वर्मा ने कहा कि योगी सरकार का यह अहम फैसला है। इस निर्णय से बेटों की सोच में बदलाव आएगा और भारत की संस्कृति में जहां शक्ति की पूजा होती है वहां असल मायनों में अब बेटियों का सम्मान मिलेगा। यूपी सरकार के इस फैसले से छात्रों में संस्कार के बीज शिक्षा के जरिए बोए जाएंगे।

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