भारतीय किसान यूनियन ने जन हितेषी मुद्दे उठाकर जिला प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

ललितपुर. कस्बे के गांधी मैदान में रंजीत सिंह की अध्यक्षता में किसानों की महापंचायत बुलाई गई जिसके आयोजक कीरत बाबा रहे जो भारतीय किसान यूनियन के मण्डल उपाध्यक्ष हैं और किसानों के मुद्दे को हमेशा उठाते रहे हैं। किसान महापंचायत का मुख्य उद्देश्य किसानों के साथ हो रहा अन्याय। बैंक में बने किसान कार्डों को बनवाने से लेकर उसके निकालने तक उसे सुविधा शुल्क देना पड़ता हैं। किसान कार्ड का बीमा कंपनियां बीमा तो काट लेती हैं पर देने की बारी आती हैं तो किसानों से बैंक के चक्कर लगवाती हैं व कागजों में कमी बता कर उसे घुमाने का कार्य करती हैं। भारतीय किसान यूनियन के मण्डल उपाध्यक्ष किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिये गांव गांव घूम कर किसानों को सूचित कर रहे थे। सुबह से ही गांधी मैदान में किसान जुटने लगे महापंचायत में बूढे महिलायें मोजूद रहीं।

किसान यूनियन के मण्डल उपाध्यक्ष कीरत बाबा ने कहा कि किसान लगातार गरीव होता जा रहा हैं और पूंजीपति लगातार सम्पन्न होता जा रहा हैं उन्होंने किसानों की प्रमुख नौ मांगो को लेकर पंचायत बुलाई थी। उन्होंने कहा कि बर्ष 2019 में अतिवर्षा से खरीफ की फसल नष्ट हो गयी थी जिसका उन्हें मुआवजा दिलाया जाये। जबसे रबी की फसलों को सींचने की बारी आई हैं तभी से बिजली की समस्या उत्पन्न हो गयी हैं किसानों को बिजली नही मिल रही हैं अगर थोड़ी बहुत आती भी हैं तो लो वोल्टेज की समस्या भी लगातार बनी हुई हैं। बिजली के नाम पर बिजली विभाग द्वारा किसानों का शोषण हो रहा हैं। वही भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रंजीत यादव ने अपने कड़े शब्दों में कहा कि वह किसान की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ेंगे किसान की हालत गिरती जा रही किसान लगातार आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा हैं। उन्होंने किसानों की गिरती हालात पर भी चर्चा की। किसान महापंचायत में भावनी बांध में किसानों को नहीं मिले मुवाबजे की भी बात रखी गयी। साथी ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीब मजदूर किसानों को पेंशन व राशन कार्ड बनवाये जाये। बड़ी नहर से मोतीखेरा व टेल से पुलवारा तक किसानों की सिंचाई के लिये पानी पहुँचाया जाये। भावनी बांध से गेंदोरा व भेलोनी सूबा तक सीसी नहर का निर्माण कार्य कराया जाये जिससे किसानों को सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध हो सकें।

आधार कार्ड सेंटर बना बड़ी समस्या

कस्बे में एक भी आधार कार्ड सेंटर नही हैं जिससे किसानों के साथ साथ छात्र छात्राओं को भारी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा हैं व आधार कार्ड बनवाने के लिये मोहनगढ़ से लेकर टीकमगढ़, ललितपुर व चंदेरी तक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

शिविर लगाकर गरीबो को मिले सुविधाएं

कस्बे में शिविर लगाकर विधवा, वृद्धा, राशनकार्ड, जैसी सुविधाओं को मुहैया कराया जाये क्योंकि सुविधाओं को पाने के लिये गरीब मजदूर किसान ऐसे अधिकारियों के चक्कर लगाते रहते हैं पर उनके कान पर जूं तक नही रेंगता और बेचारा आर्थिक तंगी से जूझ रहा गरीव लाचार थक हार कर अपनी किस्मत को दोष देकर घर बैठ जाता हैं।

सिंचाई के लिये नहीं मिल रही पर्याप्त बिजली

किसानों ने रबी के फसल की बुवाई के लिये खेतों में पानी देना शुरू कर दिया हैं पर बिजली बहुत बडी समस्या बनी हुई हैं किसानों को पर्याप्त बिजली नही मिल रही हैं और थोड़ी बहुत मिलती भी हैं तो लॉ वोल्टेज की समस्या रहती हैं जिससे किसान लगातार परेशान बना हुवा हैं।

जब पुलिस ने ज्ञापन सौंपने के लिये दबाब बनाया तो भारतीय किसान यूनियन ने खुले मंच से पुलिस को चुनौती देते हुये कहा कि अगर मां का दूध पिया हैं तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके दिखाये इसके प्रकार के गरम तेवरों से कुछ किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने कड़ा रूख अख्तियार किया और कहा कि यदि कोई उच्च अधिकारी उनका ज्ञापन लेने नही आयेगा तो वह जिला के लिये किसानों के लिये पैदल ही मार्च करेंगे।

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