बैंक करे किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने या लोन देने में आनाकानी तो ऐसे करें शिकायत

लखनऊ. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Scheme) के तहत हर साल सरकार किसानों को छह हजार रुपये सालाना देती है। इन किसानों की जमीन का रिकार्ड और उनके बायोमेट्रिक की जानकारी केंद्र सरकार के पास मौजूद हैं। ऐसे में इन किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना आसान है। किसान क्रेडिट कार्ड के अपने कई फायदे भी हैं। मोदी सरकार ने पीएम किसान स्कीम के सभी लाभार्थियों का क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने की बात भी कही है। इससे बैंकों से लोन लेने में भी आसानी होगी। लेकिन इतने बड़े वादे की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर कई किसान बैंकों के रवैये से परेशान हैं। अगर किसी किसान के पास कार्ड है फिर भी उन्हें बैंक की तरफ से लोन नहीं मिलता है। मगर इस परेशानी का हल निकाला जा सकता है। अगर कोई बैंक किसी योग्य किसान को क्रेडिट कार्ड बनाने या केसीसी धारक को कृषि लोन देने से मना करता है तो सरकार से इसकी शिकायत की जा सकती है।

इस तरह करें शिकायत

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक, किसान के आवदेन करने के 15 दिन के अंदर बैंक को यह कार्ड जारी करना होता है। अगर 15 दिन भीतर यह कार्ड जारी नहीं होता है तो बैंक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। किसान इसके लिए बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं। उस बैंकिंग लोकपाल से शिकायत की जा सकती है, जिसके अधिकारी क्षेत्र में बैंक ब्रांच या कार्यालय स्थित है।

केसीसी का बढ़ा दायरा

किसान क्रेडिट कार्ड के तहत दो लाख रुपये तक का कर्ज मिल सकेगा। किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की दर चार फीसदी है।समय पर भुगतान करने पर लोन राशि को तीन लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। केसीसस सिर्फ खेती किसानी तक सीमित नहीं है। मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति, भले ही वो किसी और की जमीन पर खेती करता हो, इसका लाभ ले सकता है।

कितनी होनी चाहिए उम्र

केसीसी के लिए आवेदन करने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 75 साल होनी चाहिए। किसान की उम्र 60 साल से अधिक है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा। किसान के फॉर्म भरने के बाद बैंक कर्मचारी देखेगा कि आप इसके लिए योग्य हैं या नहीं।

केसीसी के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदक किसान है या नहीं, इसके लिए उसका राजस्व रिकॉर्ड देखा जाएगा। वहीं पहचान के लिए प्रूप के तौर पर आधा, पैन की फोटो ली जाएगी। आवेदक का एफीडेविड लिया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि किसी बैंक में किसान का कर्ज बकाया तो नहीं है। सारे प्रोसेस पूरे करने के बाद आवेदक केसीसी के लिए अप्लाई करने के लिए योग्य माना जाएगा।

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