छोटी दिवाली पर निकलेगी झांकी, दिखेगी पूरी रामायण, ये मुस्लिम कारीगर कर रहे तैयार

अयोध्या. राममंदिर के फैसले के बाद अयोध्या के प्रथम दीपोत्सव को प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ऐतिहासिक बनाने में जुटी है। दीपोत्सव में छोटी दिवाली पर साकेत महाविद्यालय से श्रीराम राज्याभिषेक यात्रा भी निकलेगी। ये यात्रा रामकथा पार्क तक जाएंगी। इसके लिए साकेत महाविद्यालय में 11 रथ तैयार किये गए हैं। इन रथों पर रामजन्म से लेकर राज्याभिषेक तक की झांकियां सजाई गई हैं। इसमें सबसे खास बात यह है कि इन झांकियों को सजा रहे कारीगरों में आठ मुस्लिम कारीगर भी शामिल हैं, जिन्होंने राम गाथा को चित्रों के जरिए उकेरने में दिन-रात एक कर दिया।


मुस्लिम कारीगर झांकी कर रहे तैयार

मुस्लिम कारीगरों ने इन झाकियों को सजाने में पूूरी तन्मयता से काम करके सद्भाव का भी बेहतरीन संदेश दिया है। रथ बनाने के लिए अपनी टीम के साथ अयोध्या पहुंचे ठेकेदार प्रदीप ने बताया कि करीब 20 कारीगर झांकियां सजाने में जुटे हैं। इन सभी रथों को ट्रकों के ऊपर बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में सनमाइका, प्लाइवुड, लकड़ी, कपड़ा, रंग, पीओपी और थर्माकोल का प्रयोग किया जा रहा है। सभी रथों पर रामजन्म से लेकर राज्याभिषेक तक के दृश्य सजाए गए हैं। यानी दीपोत्सव में झांकी के जरिए दिखेगी पूरी रामायण देखने को मिलेगी। शोभायात्रा में सबसे पहला रथ पुत्रेष्ठि यज्ञ का होगा, जिसमें राजा दशरथ यज्ञ करते दिखेंगे।

हर झांकी में अलग दृश्य

शोभायात्रा में एक रथ पर भगवान राम और रावण के युद्ध की झांकी भी दिखेगी को मिलेगी। इसके लिए रथ पर युद्ध के मैदान का दृश्य बनाया जा रहा है। सभी रथों में सबसे सुंदर रथ रामदरबार का होगा। झांकियाें में राम का चरित्र उतारने में मुस्लिम कारीगरों की अहम भूमिका है। बाराबंकी से आए कारीगर अब्दुल शाहिद, शहंशाह, हसन, शहजादे, रिहान, और मुन्ना समेत कई लोग झांकी सजाने में जुटे हैं। कोई राम की गाथा का स्केच बना रहा है तो कोई उसमें रंग भर रहा है। ये मुस्लिम कारीगर चार सालों से दीपोत्सव में झांकी तैयार कर रहे हैं। ठेकेदार के मुताबिक कि ये सभी कारीगर पूरी मेहनत से झांकी बनाने में अपने हुनर का प्रयोग करते हैं।

अयोध्या की बदली सूरत

झांकी बना रहे कारीगर शहजादे ने बताया कि दीपोत्सव ने न सिर्फ अयोध्या की सूरत बदल दी है बल्कि हमें बड़ा कारोबार भी दिया है। शहंशाह ने कहा कि हम कई सालों से झांकी बना रहे हैं। दीपोत्सव के कार्यक्रम ने अयोध्या को नई पहचान दी है। हारुन वारसी और मुन्ना के मुताबिक हम रथों पर झांकियों को इस तरह बनाएंगे कि राम का चरित्र सजीव हो उठेगा। वहीं झांकियों में रंग भर रहे पेंटर हारुन ने बताया कि अयोध्या में राम के चरित्र को झांकियों में सजाने का अवसर मिला है। हमें अच्छा लग रहा है।

झांकियों में दिखेंगे कई संदेश

योगी सरकार में यह चौथा दीपोत्सव अयोध्या में मनाया जा रहा है। इस बार दीपोत्सव बेहद खास है, लेकिन इसमें कोरोना के दिशा-निर्देशों का भी पालन देखने को मिलेगा। अबकी बार जिन 11 झांकियों को दीपोत्सव में शामिल किया गया है, उन झांकियों में कई सामाजिक संदेश भी दिए जाएंगे। राम-लक्ष्मण की गुरुकुल शिक्षा की झांकी बच्चों के शिक्षा का अधिकार बेसिक शिक्षा का मैसेज है। राम सीता विवाह की झांकी से बेटियों के विवाह हेतु सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्था का मैसेज है। इसी तरह दीपोत्सव के दौरान हर झांकी कोई न कोई सामाजिक संदेश देती नजर आएगी।



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