उन्नाव में दुष्कर्मी हत्यारे को सश्रम आजीवन कारावास की सजा

उन्नाव. आसीवन थाना अंतर्गत हुई मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी के ऊपर दोष सिद्ध करते हुए अदालत ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। दुष्कर्मी के खिलाफ अदालत के आदेश से मृतक परिणाम राहत की सांस ली। मामला आसीवन थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव का है। 13 नवंबर 2016 को घर के पास से 6 वर्षीय मासूम गायब हो गई थी जिसका शव गांव के ही रिंकू सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह की चक्की के पीछे मिला था। पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस आईपीसी की धारा 376/302/201 IPC व 3/4 PCSO ACT व 7 CLA के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने 17 नवंबर 2016 को रिंकू सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दियाथा।

आसीवन थाना पुलिस के अनुसार सुसंगत साथियों और वैज्ञानिक प्रविधियां का प्रयोग करते हुए गहनता से विवेचना और उस समय से पैरवी भी की गई। जिसके फलस्वरूप न्यायालय एडीजे II/POCSO ACT ने अभियुक्त रिंकू सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अलग-अलग धाराओं में दर्ज मुकदमा के लिए अलग-अलग सजा सुनाई गई है। जिसमें धारा 302 IPC में सश्रम आजीवन कारावास के साथ ₹10000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास व ₹10,000 अर्थदण्ड, धारा 363 IPC के तहत 07 वर्ष सश्रम कारावास व ₹5,000/- अर्थदण्ड , धारा 201 IPC के तहत 03 वर्ष के सश्रम कारावास व ₹3,000/-र अर्थदण्ड व धारा 7 सीएलए के तहत 06 माह का साधारण कारावास व ₹5,00/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।



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