खाते में जमा और निकासी पर चार्ज लगाने को लेकर अब सामने आई ये बात, बैंक ने किया ये बड़ा ऐलान

लखनऊ. बैंक ऑफ बड़ौदा में पैसे जमा करने और निकालने के लिए कुछ बड़े बदलाव होने वाले थे। यह बदलाव 1 नवंबर लागू होने थे। जिसे लेकर बैंक ग्राहकों के मन में तमाम तरह के भ्रम थे कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों कई सेवा शुल्क बढ़ा रहे हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि ये सारी खबरें भ्रामक हैं और ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। लखनऊ में बैंक ऑफ बड़ोदा के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक फिलहाल बैंक ने यथास्थिति बरकरार रखने का फैसला किया है।

नहीं होगा कोई बदलाव

केंद्र सरकार ने अपना स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने सूचित किया है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए बदलावों को वापस लेने का फैसला किया है। इसके अलावा हाल में ही किसी दूसरे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी इस तरह के शुल्क में बढ़ोत्तरी नहीं की है। आरबीआई की तरफ से निर्धारित की गई मुफ्त सेवाओं के लिए 60.04 करोड़ मूल बचत बैंक जमा खातों पर कोई सेवा शुल्क लागू नहीं है। जिसमें 41.13 करोड़ जन धन खातों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि नियमित बचत खातों, चालू खातों, नकद क्रेडिट खातों और ओवरड्राफ्ट खातों के लिए बैंकों ने शुल्क में बढ़ौतरी नहीं की है।

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मार्च में वित्त मंत्रालय ने किसी दूसरे बैंक के एटीएम से नकद पैसे निकालने पर तीन महीने की छूट देने का ऐलान किया था। मंत्रालय ने कोरोना महामारी के दौरान उस पर तीन महीने की छूट देने की भी घोषणा की थी, जो जून महीने में खत्म हो गई। केवल बैंक ऑफ बड़ौदा ने शुरू में हर महीने मुफ्त नकद जमा और निकासी की संख्या को लेकर कुछ बदलाव करने का ऐलान किया था जो 1 नवंबर से प्रभावी होना था, लेकिन अब बैंक ने ये बदलाव न करके यथास्थिति बनाए रखने का ऐलान किया है।



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