1 जनवरी से प्रदूषण जांच के लिए पड़ेगा दोगुना पैसा, 10 हजार रुपये होगा जुर्माना, जानें नया नियम

लखनऊ. अगर आपने वाहनों की प्रदूषण जांच नहीं कराई है तो तत्काल करा लें। नहीं तो पहली जनवरी से जांच कराने पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। क्योंकि उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी से वाहनों की प्रदूषण जांच महंगी हो जाएगी। गाड़ी मालिकों को दोपहिया से लेकर सभी तरह के वाहन के प्रदूषण की जांच के लिए अब दो गुना पैसा खर्च करना होगा। प्रदूषण जांच की नई दरें कल यानी एक जनवरी 2021 से प्रदेश भर में लागू हो जाएंगी। वहीं प्रदूषण जांच न कराने पर वाहन मालिकों को 10 हजार रुपये जुर्माना के तौर पर देने होंगे।

 

1600 प्रदूषण जांच केंद्र

आपको बता दें कि पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे वाहनों की संख्या करीब तीन करोड़ है। लखनऊ में प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या 448 है, जबकि प्रदेश भर में 1600 प्रदूषण जांच केंद्र हैं। बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रण में करने के लिए गाड़ी मालिकों को हर छह महीने और साल भर में वाहनों की प्रदूषण जांच करानी होती है। परिवहन विभाग ने प्रदेश भर के हर थाना क्षेत्र के भीतर एक प्रदूषण केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य मार्च 2021 तक रखा है। जिससे दो और चार पहिया गाड़ी मालिकों को प्रदूषण जांच कराने में कोई दिक्कत न हो।

 

थानावार खुलेंगे प्रपदूषण जांच केंद्र

वहीं परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि पांच साल से प्रदूषण जांच की दरों में इजाफा किये जाने की मांग केंद्र संचालक कर रहे थे। कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था के चलते इस पर आने वाले खर्च को देखते हुए पहली जनवरी से जांच की दरों को बढ़ाये जाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ऑनलाइन मोटरयान प्रदूषण जांच केंद्र योजना के अंतर्गत थानावार जांच केंद्र खोलने की तैयारी है। जिससे लोग आसानी से अपने वाहनों की जांच करा सकें।

 

यह भी पढ़ें: नए साल के जश्न में भी न करें कोरोना प्रोटोकॉल की अनदेखी, रखें ये खास सावधानी

 

प्रदूषण जांच की नई दरें

- दो पहिया वाहनों के लिए पहले 30 अब 50 रुपए
- तीन व चार पहिया वाहनों के लिए पहले 40 अब 70 रुपए
- चार पहिया डीजल वाहनों के लिए पहले 50 अब 100 रुपए