कानपुर बिकरु कांड - एसआईटी की रिपोर्ट में 11 क्षेत्राधिकारी के नाम, कार्यवाही की तलवार लटकी

कानपुर. बिकरु कांड के कुख्यात अपराधी विकास दुबे द्वारा आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद बैठाई गई एसआईटी टीम की जांच रिपोर्ट में एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। हिस्ट्रीशीटर के शुभचिंतक पुलिसकर्मी पल-पल की खबर उसे देते थे। संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में बनाई गई एसआईटी टीम ने अब तक लगभग आधा सैकड़ा पुलिसकर्मियों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को चुके हैं। नई जानकारी के अनुसार अब 11 क्षेत्राधिकारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

 

बिकरू कांड कानपुर एसआईटी रिपोर्ट

उल्लेखनीय है विगत 2 जुलाई की रात को विकास दुबे और उसके साथियों ने क्षेत्राधिकारी सहित आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में एक के बाद एक यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे सहित आधा दर्जन अपराधियों का एनकाउंटर कर दिया था। मुख्यमंत्री ने बिकरू कांड की जांच के लिए संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। जिसने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जिसमें 37 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट थी। इसमें 11 सीओ भी शामिल थे।

चौंकाने वाले तथ्य सामने आए

एसआईटी ने विकास दुबे से जुड़े शस्त्र लाइसेंस की जानकारी की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने अपने रिश्तेदारों के साथ सहयोगियों के भी शस्त्र लाइसेंस बनवाए थे। इनमें अधिकांश में फर्जी दस्तावेज लगे थे। बिल्लौर और रसूलाबाद क्षेत्र में तैनात क्षेत्र अधिकारियों की की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने एसपी वेस्ट अनिल कुमार सिंह को एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र अधिकारियों के खिलाफ जांच सौंपी है।