1 जनवरी से लगेगी भ्रष्टाचार पर लगाम, सभी अदालतों लागू होगी नई व्यवस्था

मेरठ. सिविल व फौजदारी अदालतों के गिरफ्तारी वारन्ट, समन और नोटिस आदि अब सब कुछ कंप्यूटराइज्ड होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर प्रदेश के अधिनस्त ज़िला अदालतों में मैनुअल कोर्ट डायरी की सुविधा समाप्त कर ई-डायरी मेंटेन करने के आदेश दिए हैं। जिसके अनुसार, अब कोर्ट में वकील, मुंशी अपनी तारीख देखने के लिए कोर्ट डायरी की सुविधा से वंचित रहेगें, वह ई-कोर्ट डायरी से ही अपने मुकदमे की तारीख देख सकेंगे।

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बता दें कि हाइकोर्ट ने प्रदेश के समस्त ज़िला न्यायाधीशों को निर्देश जारी कर 1 जनवरी 2021 से मैन्युअल डायरी मेन्टेन करने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसके अलावा अब कोर्ट से जारी होने वाले गिरफ्तारी वारन्ट, समन व नोटिस आदि की फीडिंग कंप्यूटर में होंगी और संबंधित विभाग उसे अपने स्तर से निकालकर कोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे। उदाहरण के लिए किसी कोर्ट से जारी होने वाले गिरफ्तारी वारन्ट कंप्यूटर में फीड होंगे और संबंधित थाना उसे अपने कंप्यूटर से निकालकर एक्सीक्यूट करेंगे और रिपोर्ट कंप्यूटर से तामीली रिपॉर्ट प्रेषित कंप्यूटर से करेंगे। इस नई व्यवस्था से जहां कोर्ट के आदेश जल्द तामील हो सकेगे। वहीं इससे भ्रष्टाचार में रोक लगाने में मदद मिलेगी। इस बीच ज़िला जज के अधीनस्त सभी अदालतों ने मुकदमे की फाइल की फीडिंग आरम्भ हो गई है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामलों से संबंधित कोर्ट फाइल के अलावा ई-फाइल भी मेन्टेन करने का निर्णय किया है। उसी के तहत हर कोर्ट फाइल की हर दिन सुनवाई के बाद ई फाइल में उसकी फीडिंग होगी। वहीं फाइलों में सभी डाक्यूमेंट्स, वकील पक्ष के नाम फीड होने शुरू हो चुके हैं। यह कार्य भी जल्द अपडेट हो जाएगा। इससे वकील और वादकारी घर बैठे अपनी फ़ाइल में डेट और आदेश का ब्यौरा मालूम कर सकेंगे। इससे फ़ाइल गुम होने का भी खतरा नहीं रहेगा।

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