कानपुर बिकरू कांड - हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के रिश्तेदार व अन्य पर बड़ी कार्रवाई, एक पर 25000 का इनाम

कानपुर. चौबेपुर थाना अंतर्गत बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके गुर्गों द्वारा की गई पुलिस कर्मियों की हत्या मामले में बैठाई गई एसआईटी टीम ने 11 सीओ के खिलाफ रिपोर्ट दी है। वहीं गांव के 29 असलहा लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है। घोर अनियमितता व फर्जी दस्तावेजों के आधार के तहत बांटे गए लाइसेंस पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई में विकास दुबे के भाई व रिश्तेदारों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। सभी असलम चौबेपुर थाना में जमा है। उल्लेखनीय है पुलिस जांच में 29 असलहा के विषय में जानकारी मिली थी। चौबेपुर थाना पुलिस ने सभी लाइसेंसों को जब्तर लिया था। इसके पूर्व तत्कालीन डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी ने 10 निरस्त किए थे। वहीं दूसरी तरफ एनकाउंटर में मारे गए अभियुक्त के पुत्र के ऊपर पुलिस ने 25000 का इनाम घोषित किया है।

बिकरू गांव के 29 असलहा निरस्त किए गए। जिन लोगों के असलहा निरस्त किए गए हैं। उनमें ग्राम प्रधान अंजली दुबे का लाइसेंस भी शामिल है। इसके अतिरिक्त दीपक दुबे, अंजली दुबे, रीता दुबे, नीरज कुमार, रामचंद्र, रंजन शुक्ला, यादवेंद्र सिंह, सूरज सिंह, राजाराम, दयाशंकर, अखिलेश कुमार, आशुतोष उर्फ शिव त्रिपाठी, रवी प्रकाश, विष्णु पाल, राम सिंह, जहान सिंह, अखिलेश कुमार, उमाशंकर, रविंद्र कुमार, बाबू सिंह, गोविंद कुमार, छोटेलाल, रमेश चंद्र, राकेश कुमार, सत्येंद्र कुमार, श्रीकांत शुक्ला आदि शामिल है।

एसआईटी जांच में सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार निकल कर सामने आ रहा है। जिसमें एक मामला 2005 का सामने आया है। एसआईटी ने तत्कालीन सहायक शस्त्र लिपिक शैलेंद्र त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की थी। इसके अतिरिक्त अन्य लिपिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी ने लिखा था। लेकिन जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। वर्तमान में शैलेंद्र त्रिवेदी डीएम कोर्ट के पेशकार हैं। इस संबंध में एडीएम सिटी अतुल कुमार ने कहा कि असलहा विभाग के लिपिक की यथास्थिति की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वही पुलिस ने एनकाउंटर में मारा गया अतुल दुबे का पुत्र विपुल दुबे पर पुलिस ने 25000 का इनाम घोषित किया है। उल्लेखनीय है विपुल दुबे को पुलिस लगभग 6 माह होने के बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।