किसान आन्दोलन के बीच कृषि मंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा “संप्रग के शासनकाल में मनमोहन और पवार थे कृषि…”

केंद्र सरकार के नए कृषि कानून बिल को लेकर बीते कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है. जहाँ एक तरफ किसान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. वही दूसरी तरफ सरकार के द्वारा भी लगातार किसानों को समझाने की कोशिश की जा रही है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है.

इसी सब के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासनकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कृषि मंत्री शरद पवार कृषि सुधार करना चाहते थे. लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण इन्हें लागू नहीं कर सके. इसके अलावा उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार कोई भी ऐसा फैसला नहीं लेगी जो किसानों और गरीबों के लिए नुकसानदायक हो.

इसके अलावा तोमर ने कहा कि कुछ ताकतें अपनी योजनाओं को पूरा करने के चलते किसानों के कंधों का उपयोग करने का प्रयास कर रही हैं. जाहिर है कि अभी तक किसानों और सरकार के बीव्ह कई दौर की वार्ता हो चुकी है. लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है. जिसके चलते विपक्ष भी लगातार सरकार पर हमलावर हुआ जा रहा है.

पता हो कि सरकार ने अगले दौर कि वार्ता के लिए सभी 40 किसान संगठनों को 30 दिसम्बर को बुलाया है. गौरतलब है कि एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है और हजारो की संख्या में दिल्ली बॉर्डर पर पंजाब और हरियाणा के किसान बैठे हुए है.