अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में सियासी भूचाल आने के बाद, सीएम नीतीश कुमार बीजेपी पर चल सकते है ये पुरानी ‘चाल’

केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी ने देश के अधिकतर राज्यों में अपनी प्रचंड जीत का परचम लहराया है. भाजपा का ये सिलसिला अभी भी जारी है. इसी बीच अरुणाचल प्रदेश मे भी बीजेपी ने अपनी चाल चली है. अभी एक दो दिन पहले अरुणाचल प्रदेश में सूबे में जेडीयू के 7 में से 6 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं. जिसके बाद राज्य में सियासी ट्विस्ट आ गया है.

हालांकि इन सबके बीच अब सीएम नीतीश कुमार क्या बीजेपी के साथ अपना वो पुराना दांव खेल सकते है. आपको बताते है कि उनका पुराना दांव क्या है. वो जब एनडीए का हिस्सा थे. 2012 में उन्होने राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को वोट किया था. ऐसा ही कुछ 2015 में नीतीश ने किया था. तब वो लालू के साथ बिहार में सरकार में थे और तब उन्होने पीएम मोदी की कई नीतियों की जमकर तारीफ की थी. अब क्या ऐसा ही एक बाऱ फिर से सीएम नीतीश कुमार कोई दांव खेल सकते हैं.

जानकारी के लिए बता दे कि नीतीश की JDU कुछ खास राष्ट्रीय मुद्दों पर BJP से अलग राय बनाकर प्रस्ताव पारित कर सकती है. जिसके बाद बीजेपी का विरोध भी हो जायेगा और बिहीर में एनडीए का हिस्सा भी जेडीयू बनी रहेगा. उधर जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी साफ कह चुके हैं कि पार्टी ने ये तय किया है कि पश्चिम बंगाल समेत देश के दूसरे राज्यों में पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। वहां बीजेपी से कोई तालमेल नहीं होगा, बीजेपी से जेडीयू का तालमेल सिर्फ बिहार में है. दूसरे राज्यों में जेडीयू अपना जनाधार बढ़ाएगी.