जेडीयू की नाराजगी के बाद बचाव में उतरी बीजेपी, नीतीश के करीबी रहे इस नेता ने संभाला मोर्चा

बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही जेडीयू और बीजेपी में थोड़ी बहुत रस्साकस्सी शूरु हो गई है. अभी ताजा मामले की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के कई नेताओं ने बीजेपी का दमन थाम लिया है. जिसके बाद से जेडीयू सख्ते में आ गई है. जिसके बाद से जेडीयू नें बीजेपी को अपने तेवर दिखाने शूरु कर दिया है.

अरूणाचल प्रदेश में हुए सियासी घटनाक्रम को देखते हुए जेडीयू बीजेपी से खासा नाराज़ चल रही है और जेडीयू ने बीजेपी पर हमला बोल दिया है. खुद नीतीश कुमार ने रविवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि ‘हमारे मनोबल को तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन हम घबराते नहीं हैं’. जिसके बाद बीजेपी बचाव के मुड़ में आ गई है. अब बीजेपी ने सीएम नीतीश कुमार के काफी क्लोज़ रहे और बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे सुशील मोदी को मैदान में उतार दिया है.

राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने समय की नज़कत को देखते हुए कहा कि बिहार में जेडीयू और बीजेपी का गठबंधन अटूट है. सीएम नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री वाले बयान की बात हो या अरूणाचल प्रदेश में हुए सियासी टकराव की इन सब पर सुशील मोदी ने कहा है कि ‘जेडीयू के नेता पहले ही कह चुके हैं कि अरुणाचल प्रदेश में जो कुछ हुआ उससे बिहार में गठबंधन और सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी’.

सीएम पद को लेकर नीतीश के बयान पर भी सुशील मोदी ने उनका समर्थन किया है. बीजेपी नेता ने कहा कि ‘नीतीश कुमार अपने मन से मुख्यमंत्री नहीं बने बल्कि बीजेपी और गठबंधन के दूसरे दलों के आग्रह के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी.’